loader

न्यूयॉर्क : टाइम्स स्क्वैयर के बिल बोर्ड पर राम मंदिर, समर्थन और विरोध में प्रदर्शन

अमेरिका के न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वैयर स्थित नैसडैक के बिल बोर्ड पर राम मंदिर का मॉडल दिखाया गया और उसके साथ भारत का झंडा भी लगाया गया था। इसके समर्थन और विरोध में बड़ी तादाद में लोग टाइम्स स्क्वैयर पहुँच गए। कुछ लोग उत्सव मना रहे थे, भजन कीर्तन कर रहे थे। उनके सामने ही थोड़ा हट कर कुछ लोग बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ये लोग भारतीय मूल के थे।

टाइम्स स्क्वैयर पर उत्सव

रामजन्मभूमि सेलीब्रेशन्स कमिटी ऑफ़ यूएसए ने नैसडैक के बिल बोर्ड पर राम मंदिर दिखाने का आग्रह किया था और इसके लिए पूरा इंतजाम किया था। 
इस कमिटि के प्रमुख जगदीश सिवहानी ने ट्वीट किया, 'आज टाइम्स स्क्वैयर पर राम मंदिर और रामजी को देख कर बहुत ही गर्व हुआ।' 

एक दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, 'आज रात मौजूद रहने के लिए लोगों को धन्यवाद। राम भक्तों का प्रेम और स्नेह देख कर अभिभूत हो गया। जय श्री राम!'

सिवनी स्वयं उस समय टाइम्स स्क्वैयर पर मौजूद थै, जब नैसडैक के बिलबोर्ड पर राम मंदिर दिखाया गया था। अमेरिकन इंडियन पब्लिक अफ़ेयर्स कमिटी ने टाइम्स स्क्वैयर पर उत्सव मनाया। 

टाइम्स स्क्वैयर पर विरोध प्रदर्शन

'कोएलिशन टू स्टॉप जीनोसाइड इन इंडिया' ने विरोध प्रदर्शित आयोजित किया था। यह भारतीय मूल के लोगों के कई संगठनों का शीर्ष संगठन है। 
बिल बोर्ड पर राम मंदिर दिखाए जाने के ख़िलाफ़ 'कोएलिशन ऑफ़ प्रोग्रेसिव हिन्दुज़', 'हिन्दुज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स', 'इंडियन अमेरिकन मुसलिम कौंसिल', 'क्वीन्स अगेन्स्ट हिन्दू फ़ासिज़्म', 'स्टूडेंट्स अगेनस्ट् हिन्दुत्व आइडियोलॉजी' ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का आयोजन 'साउथ एशियन सॉलिडरिटी इनीशिएटिव' ने किया था।
indian diaspora protests at new york times square for and against ram temple - Satya Hindi
टाइम्स स्क्वैयर पर विरोध प्रदर्शनकोएलिशिन अगेन्स्ट जीनोसाइट इन इंडिया
इंडियन अमेरिकन मुसलिम कौंसिल के महासचिव जवाद मुहम्मद ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि राम हिन्दुओं के आराध्य देव हैं और बहुलतावाद के तहत हम सभी धर्मों के प्रति सम्मान का भाव रखते हैं। पर राम के प्रति श्रद्धा का कुछ लोग अपने हित में इस्तेमाल करते हैं और इसका नतीजा भारत ही नहीं, अमेरिका में भी देखने को मिल रहा है। 
indian diaspora protests at new york times square for and against ram temple - Satya Hindi
टाइम्स स्क्वैयर पर विरोध प्रदर्शनकोएलिशिन अगेन्स्ट जीनोसाइट इन इंडिया

क्या कहा न्यूयॉर्क कौंसिल के सदस्य ने?

हिन्दुज़ फ़ॉर ह्यूमन राइट्स की अध्यक्ष सुनीता विश्ववनाथ का कहना है कि हिन्दू समाज के ध्रुवीकरण के लिए राम मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल किया गया। 

इस पर न्यूयॉर्क के स्थानीय लोगों ने भी अपनी राय रखी। न्यूयॉर्क सिटी कौंसिल के सदस्य डैनिएल ड्रॉम ने कहा

भारत और अमेरिका में भी कुछ लोग मुसलमानों का दानवीकरण कर रहे हैं। भारत हो या अमेरिका, धार्मिक कारणों से मुसलमानों को निशाना बनाना निंदनीय है।


डैनिएल ड्रॉम, सदस्य, न्यूयॉर्क सिटी कौंंसिल

इंडियन अमेरिकन मुसलिम कौंसिल ने एक बड़ी गाड़ी निकाली और न्यूयॉर्क की सड़कों पर घुमाया। इस गाड़ी पर बाबरी मसजिद को दिखाया गया था। 
इस विरोध प्रदर्शन की एक ख़ास बात यह थी कि यह भारत के खि़लाफ़ नहीं था, भारत सरकार के ख़िलाफ़ था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े बैनर पोस्टर लगाए गए और उनकी आलोचना की गई। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें