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राजस्थान में सरकार बदलते ही फ़ेक न्यूज़ पर पुलिस सक्रिय

राजस्थान में सरकार बदलते ही फ़ेक न्यूज़ पर पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस ने साफ़ तौर पर कहा है कि इससे धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की गई। पुलिस ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ख़िलाफ़ मुहिम शुरू कर दी है। हालाँकि, अभी कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन सख़्त चेतावनी दी गई है। ताज़ा मामला एक विडियो का है जिसमें @Ashok6510 नाम के एक ट्विटरबाज़ ने एक पुराने और किसी अन्य जगह के विडियो को लेकर उसे उटाम्बर का बताया था। पुलिस ने कहा है कि पुराने विडियो को वायरल कराकर धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश की जा रही थी। 

राजस्थान पुलिस ने इस विडियो को फ़ेक बताते हुए एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं। इसमें राजस्थान पुलिस ने चेताया है कि “हम आपको वॉच कर रहे हैं। यह एक पुराना वीडियो है जो झारखंड के राँची का है। आप तुरंत इसे डिलीट करें नहीं तो साइबर यूनिट को यह केस सौंप दिया जाएगा। आइन्दा इस तरह की अफ़वाह न फैलाएँ।”

अशोक6510 नाम की ट्विटर आईडी से 15 दिसंबर को यह वीडियो शेयर किया गया। विडियो के साथ ट्विट में लिखा है कि उटाम्बर में मुसलिम कार्यकर्ताओं ने राजपूतों के घर में घुसकर लड़कियों के साथ बदतमीजी की है। इस विडियो को वायरल करने वाले को राजस्थान पुलिस ने चेतावनी दी है कि यह ग़लत है और इस विडियो को हटा ले।

पुलिस ने विडियो को तो फ़ेक बता दिया, लेकिन लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। पुलिस के ट्वीट के बाद कई लोग पुलिस को ग़लत साबित करने में जुट गए और घटना को सही बता रहे हैं। यही कारण है कि राजस्थान पुलिस ने इसके बाद एक और ट्वीट कर कहा है कि इस मामले पर वह अपनी पहले की बात पर क़ायम है। 

'फ़ेक न्यूज़ के जाल में न फँसें लोग'

इससे पहले 12 दिसंबर को एक अन्य ट्विट में भी राजस्थान पुलिस ने फ़ेक न्यूज़ के प्रति सचेत किया था। पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से विडियो को ट्विट करते हुए लिखा था कि यह विडियो को सोशल मीडिया पर चल रहा है जो यह दावा करता है कि कांग्रेस की जीत के जुलूस में पाकिस्तानी झंडा लहराया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि यह पूरी तरह ग़लत है, हम लोगों से आग्रह करते हैं कि वे फ़ेक न्यूज़ के जाल में न फँसें। पुलिस ने कहा है कि हम फ़ेक न्यूज़ फैलाने वाले को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

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