loader

जीन्स पहनने वाले नेता नहीं हो सकते: बिहार आरजेडी अध्यक्ष 

जीन्स भी क्या न कर दे! कभी संस्कृति भ्रष्ट तो कभी लड़कियों के संस्कार ख़राब! अब जीन्स पहनने वाले नेताओं के नेता होने पर ही सवाल खड़ा हो गया है! दरअसल, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेशाध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जीन्स पहनने वाले लोगों के लिए कहा है कि वे नेता हो ही नहीं सकते हैं। इस बयान से विवाद तो होना ही था। सो हुआ। पार्टी के बाहर भी और अंदर भी। जगदानंद सिंह के इस बयान से बिहार की राजनीति में तूफ़ान मचा है।

इस मामले में लोगों की कैसी प्रतिक्रिया आ रही है, यह जानने से पहले जगदानंद सिंह का बयान पढ़िए। उन्होंने कहा, 'जीन्स पहनने वालों के लिए राजनीति सही नहीं है और वे नेता नहीं हो सकते हैं, खासकर हमारी पार्टी के जो ग़रीब, दलित और दबे हुए लोगों की पार्टी है।'

ताज़ा ख़बरें

सिंह ने यह बयान क्यों दिया? दरअसल वह शनिवार को जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर एक प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सड़क पर बैठने को कह रहे थे, लेकिन कुछ युवा बार-बार इधर से उधर जा रहे थे। अपनी बात अनसुनी होते देख उन्होंने जीन्स पहनकर आए कुछ कार्यकर्ताओं की तरफ़ इशारा कर कहा, 'जीन्स पहनने वाले सब हीरो हैं, इन सबसे राजनीति नहीं हो सकती।' उन्होंने यह भी कहा कि जीन्स पहन कर आए कुछ लोग आरजेडी के कार्यकर्ता नहीं बल्कि बीजेपी और आरएसएस के एजेंट हैं। उन्होंने कहा कि जीन्स पहनने वालों से राजनीति नहीं होगी, ये लोग नेता नहीं बन सकते हैं।

इस बयान के बाद उनकी फजीहत हो गई। विरोधियों ने तो उनकी आलोचना की ही, ख़ुद उनकी पार्टी के लोगों ने भी उनको नहीं बख्शा। 'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, आरजेडी विधायक और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने उन्हें 'हिटलर बताया जो अपनी मर्जी और अनुशासन पर पार्टी चलाना चाहता है'। तेज प्रताप ने पार्टी मुख्यालय में छात्रसंघ की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा, 'किसी को यह सोचने की ग़लती नहीं करनी चाहिए कि राज्य पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी उनकी पुश्तैनी संपत्ति है।'

राजद छात्रसंघ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश कुमार ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि उनका बयान उचित और न्यायसंगत है, आज की राजनीति का जीन्स या वर्दी पहनने से कोई लेना-देना नहीं है।

सत्तारूढ़ दल जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि इस तरह के बयान देकर राज्य राजद प्रमुख ने राजनीति में युवाओं का अपमान किया है। उन्होंने कहा, 'यह पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है क्योंकि श्री सिंह राज्य में प्रमुख हैं।'

बिहार से और ख़बरें

एबीपी न्यूज़ के अनुसार जेडीयू नेता निखिल मंडल ने कहा, 'जगदानंद जी आपके इस फरमान को मानेगा कौन? आपके दल के सर्वमान्य नेता जिसे आपलोग मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं वह तो खुद जीन्स पैंट पहनकर घूमते रहते हैं।'

हम पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा कि तेज प्रताप से नफरत करते-करते जगदानंद सिंह अब तेजस्वी यादव, मनोज झा और अपने बेटे सुधाकर सिंह से भी नफरत करने लगे हैं क्योंकि ये सभी नेता जीन्स पहनते हैं। दानिश ने कहा कि जगदानंद सिंह युवा विरोधी हैं और अगर उनकी हैसियत है तो पहले इन नेताओं को पार्टी से बाहर निकालें फिर कार्यकर्ताओं को नसीहत दें।

bihar rjd chief jagdanand singh on jeans clad party workers - Satya Hindi

वैसे, जीन्स को लेकर जब तक ऐसे बयान आते रहे हैं जिससे विवाद उठता रहा है। हाल ही में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने महिला की फटी जीन्स को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि फटी जीन्स की वजह से एनजीओ चलाने वाली महिला के घुटने दिख रहे हैं, वह समाज के बीच में जाती हैं तो ये कैसे संस्कार हुए। रावत ने कहा था, 'अगर ऐसी महिलाएं समाज में जाती हैं, लोगों से मिलती हैं और उनकी दिक्कतें सुलझाती हैं तो हम अपनी सोसाइटी, बच्चों को क्या संदेश दे रहे हैं। यह सब घर से शुरू होता है। जो हम करते हैं, उसे हमारे बच्चे भी सीखते हैं।'

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी ज़बरदस्त खिंचाई हुई थी और लोगों ने सलाह दी थी कि वह अपनी सोच दुरुस्त करें। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

बिहार से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें