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जाति जनगणना के लिए 10 दलों के नेता पीएम से मिलेंगे: नीतीश

जाति जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर मुलाक़ात के लिए समय नहीं देने का पहले आरोप लगाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब कहा है कि वह सोमवार को प्रधानमंत्री से मुलाक़ात करेंगे। उन्होंने कहा है कि राज्य से 10 दलों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर जाति जनगणना की मांग करेगा। इसमें बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे। 

बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चलाने वाले जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने इस महीने की शुरुआत में ही इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर मुलाक़ात के लिए समय मांगा था। अगस्त के पहले हफ़्ते में नीतीश ने कहा था कि उन्हें उस पर कोई जवाब नहीं मिला था। इसके कुछ दिन बाद ही नीतीश ने कहा था कि यदि केंद्र ने जाति आधारित जनगणना शुरू नहीं की तो इसके लिए राज्य स्तर पर चर्चा शुरू की जा सकती है। 

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इस बीच अब नीतीश प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री से मुलाक़ात करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'लोगों की इच्छा है कि जाति जनगणना होनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि इस पर सकारात्मक चर्चा होगी।' नीतीश कुमार ने शनिवार को समस्तीपुर ज़िले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर लौटने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। 

कुछ दिन पहले ही ख़बर आई थी कि नीतीश से मुलाक़ात के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समय दे दिया है। इससे पहले मुलाक़ात के लिए समय नहीं मिलने पर नीतीश कुमार बार-बार इसको लेकर जोर दे रहे थे। क़रीब एक पखवाड़े पहले पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने एक ऐसी जनगणना की मांग दोहराई थी जिसमें भारत की जाति की विभिन्नता को ध्यान में रखा गया हो और जैसा बिहार विधानसभा ने सर्वसम्मति से 2019 में और फिर 2020 में एक प्रस्ताव पारित किया था।

तब मुख्यमंत्री ने कहा था, 'यह समझना चाहिए कि निर्णय केंद्र को लेना है। हमने अपनी मांग रखी है। यह राजनीतिक नहीं है, यह एक सामाजिक मामला है।' यह पूछे जाने पर कि यदि केंद्र ऐसा नहीं करता है तो क्या राज्य भी इस तरह की कवायद करेगा, उन्होंने कहा था, 'फिर हम यहाँ इस पर चर्चा करेंगे, ठीक न?'

यह घटनाक्रम तब हो रहा है जब जाति आधारित जनगणना के लिए कई विपक्षी दल दबाव डाल रहे हैं। इस मामले में अब तक केंद्र सरकार जाति आधारित जनगणना के पक्ष में नहीं है।

पिछले महीने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि भारत सरकार ने जनगणना में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य जाति आधारित आबादी की जनगणना नहीं करने के लिए नीति के रूप में तय किया है।

बिहार में बीजेपी को छोड़कर क़रीब-क़रीब सभी पार्टियाँ जाति आधारित जनगणना की मांग करती रही हैं।

nitish says 10 parties will meet pm modi monday demanding caste census - Satya Hindi

आरजेडी नेता लालू यादव ने भी हाल ही में इसकी मांग की थी। उनके बेटे तेजस्वी यादव लगातार इसकी मांग करते रहे हैं। तेजस्वी यादव तो तर्क देते आए हैं कि 'जब जानवरों की गणना हो सकती है तो जाति जनगणना क्यों नहीं?' उन्होंने तो यहाँ तक मांग की थी कि यदि केंद्र सरकार सहमत नहीं है तो नीतीश कुमार सरकार को ख़ुद से ही ऐसा कर देना चाहिए। तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश कुमार को या तो बिहार के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करना चाहिए या प्रधानमंत्री से बात कर इस मुद्दे को उठाना चाहिए। 

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नीतीश कुमार ने कहा था कि जाति आधारित जनगणना से कुछ लोगों को दिक्कतें होंगी, यह बात पूरी तरह निराधार है। नीतीश ने पिछले कहा था, 'यह केंद्र पर निर्भर है कि वह जाति की जनगणना करे या न करे... हमारा काम अपने विचार रखना है। यह मत सोचो कि एक जाति पसंद करेगी और दूसरी नहीं... यह सभी के हित में है।' उन्होंने कहा था, 'समाज में कोई तनाव पैदा नहीं होगा। खुशी होगी। हर वर्ग के लोगों को योजनाओं से लाभ होगा।' 
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