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नूंह: आसिफ़ नाम के शख़्स की हत्या, परिवार ने कहा- मॉब लिंचिंग हुई

हरियाणा के नूंह जिले में आसिफ़ हुसैन नाम के एक नौजवान की हत्या के बाद जबरदस्त तनाव का माहौल है। परिजनों ने कहा है कि आसिफ़ की मॉब लिंचिंग हुई है। आसिफ़ एक जिम ट्रेनर था और  उसके साथ यह घटना रविवार को हुई। नूंह पुलिस ने कहा है कि उसने इस घटना के छह अभियुक्तों को पकड़ लिया और बाक़ी की तलाश जारी है। 

घटना के चश्मदीद और आसिफ़ के भाई ने एक वीडियो जारी कर पूरी घटना के बारे में बताया। उसने कहा कि वे लोग सोहना से दवाई लेकर घर लौट रहे थे लेकिन रास्ते में ही एक गाड़ी ने हमारी गाड़ी को टक्कर मारी जबकि एक गाड़ी ने आगे से हमारा रास्ता रोक दिया। एक तीसरी गाड़ी ने फिर हमारी गाड़ी को टक्कर मार दी और हमारी गाड़ी खड्डे में जाकर गिर गयी। 

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आसिफ़ के भाई ने बताया, “गाड़ी में से निकले लोगों ने पहले मुझ पर हमला कर अधमरा कर दिया और इसके बाद आसिफ़ को गाड़ी से निकालकर मार दिया और उसका शव नंगली के फ़ार्महाउस में फेंक दिया। 30-35 लोगों ने वारदात को अंजाम दिया।” उसने कहा कि पहले छोटी-मोटी रंजिश हुई थी और उन्हें नहीं पता था कि उन पर कोई हमला कर देगा। 

नाराज़ युवाओं ने किया प्रदर्शन

घटना से नाराज़ युवाओं ने सोमवार को नूंह में प्रदर्शन किया और पुलिस पर पत्थर फेंके। इन युवाओं ने बीती रात कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर जाम भी लगा दिया था। पत्थरबाजी के दौरान कई गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर इन्हें वहां से हटाया। 

27 साल का आसिफ़ खेड़ा खलीलपुर गांव का रहने वाला था। परिजनों की ओर से पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि अभियुक्तों ने आसिफ़ को गोली मारी और हथियारों से भी उस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि भीड़ ने आसिफ़ की जान ले ली। 

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पीड़ित परिवार के साथ हैं: पुलिस 

नूंह के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने कहा है कि इस मामले में हिंदू-मुसलिम वाला कोई एंगल नहीं है। दो गुटों में कहासुनी हुई थी और इसे कई बार गांव के बड़े बुजुर्गों ने ख़त्म करा दिया था। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आसिफ़ की हत्या का मुख्य अभियुक्त उसी के गांव का रहने वाला है। उन्होंने सभी लोगों से शांत रहने की अपील की है और कहा है कि पुलिस पीड़ित के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मामले में जल्द जांच कर इसे फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। 

स्थानीय कांग्रेस विधायक आफ़ताब अहमद ने कहा है कि अभियुक्त बेहद शातिर स्वभाव के हैं। पीड़ित परिवार ने इंसाफ़ दिलाने की मांग की है। 

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