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बजट 2021 : आम जनता मायूस, आयकर में कोई छूट नहीं

तमाम तरह की उम्मीदों के उलट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 में आयकर दाताओं को किसी तरह की राहत नहीं दी। उन्होंने न तो आयकर की सीमा में छूट का एलान किया, न ही आयकर स्लैब में कोई बदलाव किया। इसके अलावा निवेश करने पर आयकर में मिलने वाली छूट यानी 80 सी के तहत भी सरकार ने कुछ एलान नहीं किया। 
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वित्त मंत्री ने आयकर में सुधार का एलान करते हुए कहा कि जिन बुजुर्गों की उम्र 75 साल से ज़्यादा है और जिनकी आय का एक मात्र स्रोत पेंशन है, उन्हें आयकर रिटर्न भरने से छूट दी जा रही है। यानी इन लोगों को आयकर रिटर्न भरने की बाध्यता नहीं होगी। 

वित्त मंत्री ने एलान किया कि छोटे करदाताओं के विवाद निपटारे के लिए कमेटी बनाई जाएगी ताकि मुकदमेबाजी से छुटकारा मिले और मामला लंबा न खिंचे। इससे करदाताओं को भी सुविधा होगी। 

अनिवासी भारतीयों के कर विवाद ऑनलाइन निपटाए जाएंगे, जिससे उन्हें या उनके प्रतिनिधि को पेश होने की ज़रूरत नहीं होगी। 

वित्त मंत्री ने कहा कि स्टार्ट अप को जो टैक्स देने में शुरुआती छूट दी गई थी, उसे अब 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया है।

बता दें कि इसके पहले आयकर सीमा में छूट पिछली बार 2014 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी। उन्होंने एलान किया था कि 2.50 लाख रुपए की अधिकतम आय से ज़्यादा वालों को आयकर चुकाना होगा। इसके पहले यह सीमा दो लाख रुपए की थी। 

उन्होंने ही उसी साल निवेश पर 80 सी के तहत मिलने वाली छूट को बढ़ा कर 1.50 लाख रुपए कर दिया था। यानी इतना निवेश करने पर उस पैसे को आयकर से घटा दिया जाएगा, जिससे आमदनी कम मानी जाएगी और कम आयकर चुकाना होगा। 

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