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जम्मू एअर बेस पर हुआ धमाका आतंकवादी हमला, ड्रोन का इस्तेमाल : पुलिस 

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने जम्मू एयर फ़ोर्स स्टेशन पर रविवार को हुए दो धमाकों को 'आंतकवादी हमला' क़रार दिया है। उन्होंने कहा है कि पुलिस, वायु सेना और दूसरी एजेंसियाँ इसकी जाँच कर रही हैं।

दिलबाग सिंह ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "जम्मू पुलिस ने 5-6 किलो वजन का एक और विस्फोटक बरामद किया है। यह विस्फोटक लश्कर के एक ऑपरेटिव को मिला था जो उसे शहर के किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में लगाने की फिराक में था। इस बरामदगी से शहर में एक बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया गया है।"

उन्होंने इसके आगे कहा, "पकड़े गए संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ चल रही है। विस्फोट के नाकाम हुए प्रयास के सिलसिले में और भी संदिग्धों के पकड़े जाने की संभावना है। पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ जम्मू हवाई अड्डे में हुए विस्फोटों पर भी काम कर रही है।"

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जम्मू के वायु सेना के एक स्टेशन के अंदर देर रात 2 बजे दो धमाके हुए। जहाँ ये धमाके हुए हैं उसे अति सुरक्षा वाला क्षेत्र बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार इन धमाकों में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है। सुबह होते ही मौक़े पर बम को निष्क्रिय करने वाला दल पहुँचा। आगे की जाँच की जा रही है।

इन विस्फोटों को लेकर भारतीय वायुसेना ने कहा है, 'जम्मू वायु सेना स्टेशन के तकनीकी क्षेत्र में रविवार तड़के दो कम तीव्रता वाले विस्फोटों की सूचना मिली। एक ने एक इमारत की छत को मामूली नुक़सान पहुँचाया जबकि दूसरा एक खुले क्षेत्र में फटा।'

वायुसेना ने कहा है कि किसी भी उपकरण को कोई नुक़सान नहीं हुआ और सिविल एजेंसियों के साथ जाँच जारी है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा है कि इस मामले में ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच जारी है। 'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के अनुसार, वायु सेना स्टेशन में पाँच मिनट के अंतराल में दोनों विस्फोट हुए। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि विस्फोट के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के दिलबाग सिंह ने कहा है कि इस हमले में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है और उसके जरिए बम गिराए गए हैं। लेकिन ये देशी बम थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना के बारे में जानकारी ली है। रक्षा मंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा है, 'रक्षा मंत्री श्री राजनाथसिंह जम्मू में वायु सेना स्टेशन पर आज की घटना के संबंध में वाइस एयर चीफ़, एयर मार्शल एचएस अरोड़ा से बात की। एयर मार्शल विक्रम सिंह स्थिति का जायजा लेने जम्मू पहुँच रहे हैं।'
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जम्मू हवाईअड्डा रनवे और वायु यातायात नियंत्रण भारतीय वायुसेना के नियंत्रण में हैं, और इसका उपयोग यात्री उड़ानों को संचालित करने के लिए भी किया जाता है।

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