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एक पर्यटक ने अंबानी के घर का पता पूछा था, हिरासत में लिया गया

एक दिन पहले यानी सोमवार को जिस संदिग्ध गतिविधि को लेकर मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित आवास एंटीलिया के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई थी उस मामले में एक पर्यटक को हिरासत में लिया गया है। उस शख्स की पहचान सुरेश विसनजी पटेल के रूप में की गई है। उन्हें नवी मुंबई से पकड़ा गया। शुरुआती पूछताछ में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है।

शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि विसनजी पटेल एक पर्यटक के रूप में मुंबई थे। रिपोर्ट के अनुसार पटेल यूँ ही मुकेश अंबानी के घर के बारे में जानने के उत्सुक थे और इसी कारण उन्होंने उनके आवास के बारे में जानकारी चाही थी। विस्तृत जानकारी के लिए और पूछताछ की जा रही है। 

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इससे पहले सोमवार शाम को एक टैक्सी ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि दो लोगों ने मुकेश अंबानी के आवास का पता मांगा था। टैक्सी ड्राइवर ने यह भी कहा था कि उस शख्स के हाथ में बड़ा बैग था। संदिग्ध हालात लगने पर मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी और कहा था कि इमारत के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जा रही है। 

पुलिस ने कहा था कि सूचना देने वाले टैक्सी ड्राइवर ने सोमवार को पूछताछ में बताया था कि दो दाढ़ी वाले व्यक्तियों ने किला कोर्ट के सामने उससे एंटीलिया का पता पूछा था। वे सिल्वर कलर की बैगन आर कार से आए थे।

पुलिस ने अब कहा है कि जिस गाड़ी की बात कही जा रही थी उसकी पहचान भी कर ली गई है। वह एक टूरिस्ट टैक्सी थी। उस वैगन आर टैक्सी का चालक गुजरात का है। 

पुलिस का कहना है कि पर्यटक विसनजी पटेल से पूरी पूछताछ के बाद ही किसी संभावित ख़तरे से इनकार किया जा सकता है।

बता दें कि इसी साल फ़रवरी में मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के आसपास इस तरह की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। तब मुंबई में हड़कंप मच गया था जब एंटीलिया के आसपास ही एक संदिग्ध कार में विस्फोटक पदार्थ मिले थे। जहाँ कार पार्क की हुई थी वह जगह मुकेश अंबानी के घर से कुछ ही दूरी पर थी। वह जगह हाई सिक्योरिटी क्षेत्र में आती है। 

तब बम को निष्क्रिय करने वाली टीम और मुंबई पुलिस मौक़े पर पहुँची और उस कार व उसमें भरे विस्फोटक पदार्थ को कब्जे में लिया था।

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तब जो गाड़ी मिली थी वह सिल्वर कलर की स्कॉर्पियो कार थी और उसमें 20 जिलेटिन छड़ें बरामद हुई थीं। जिलेटिन एक विस्फोटक सामग्री है। जिलेटिन का उपयोग गिट्टी क्रशर पर चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है। पहाड़ों को तोड़ने के लिए भी विस्फोटक के तौर पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह धीरे-धीरे जलता है और आमतौर पर बिना डेटोनेटर्स के विस्फोट नहीं कर सकता। 

इस मामले की जाँच अभी भी जारी है। इसकी आँच पुलिस तक पहुँच चुकी है। इस मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े को उस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या के संबंध में बर्खास्त और गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि मुकेश अंबानी के घर के पास कार मिलने के कुछ दिनों बाद ही मनसुख हिरेन की हत्या कर दी गई थी। 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच का जिम्मा संभालने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि सचिन वाज़े ने विस्फोटक खरीदे थे और एसयूवी को मुकेश अंबानी के घर के पास पार्क किया था। 

विस्फोटक सामग्री के मामले में ही पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को भी एनआईए ने गिरफ़्तार किया है। शर्मा को कुछ लोग एंटीलिया मामले में आरोपी और पूर्व एसिस्टेंट इंस्पेक्टर सचिन वाज़े के गुरु के तौर पर भी देखते हैं। एनआईए ने पहले संकेत दिए थे कि प्रदीप शर्मा उसके निशाने पर हैं। ऐसा इसलिए तो था ही कि उनका संबंध सचिन वाज़े से था, इसलिए भी कि अपराध के बाद शर्मा आरोपी से मिले थे।

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