loader

पंजाब: कोरोना बाद स्थिति से उबरने में विशेषज्ञों को राह दिखाएँगे मनमोहन सिंह

पंजाब में कोरोना के बाद आर्थिक स्थिति से उबरने में विशेषज्ञों को अर्थशास्त्री और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गाइड करेंगे यानी उन्हें रास्ते बताएँगे। 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह जानकारी दी है। कोरोना वायरस और इसको नियंत्रित करने के लिए लागू किए गये लॉकडाउन के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था काफ़ी मुश्किल दौर से गुज़र रही है। जब कोरोना का असर ख़त्म होगा तो सरकार के सामने उस स्थिति से निपटने के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। यह चुनौती पंजाब ही नहीं पूरे देश और पूरी दुनिया में है। कोरोना वायरस से निपटने के साथ ही कोरोना के बाद के आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए यह चिंता हर जगह है।

ताज़ा ख़बरें
अमरिंदर सिंह ने आज इसको लेकर ट्वीट किया, 'मैंने मोंटेक सिंह अहलुवालिया के नेतृत्व में गठित विशेषज्ञों के एक समूह को गाइड करने के लिए डॉ. मनमोहन सिंह जी को पत्र लिखा था और मैं उनका शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। हम पंजाब को आर्थिक विकास के रास्ते पर बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और कोरोना के बाद इस पर हम फिर से ध्यान केंद्रित करेंगे।'

लॉकडाउन के बाद की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत उन्होंने 25 अप्रैल को विशेषज्ञों के एक समूह का गठन किया है। इसका नेतृत्व योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और अर्थशास्त्री मोंटेक सिंह अहलुवालिया करेंगे। इस समूह में 20 सदस्य होंगे। उस समूह में अर्थव्यवस्था और उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ होंगे। ये विशेषज्ञ राज्य सरकार को शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म एक्शन प्लान का सुझाव तो देंगे ही, इसके साथ ही वे नीतिगत सुझाव भी देंगे। 

माना जा रहा है कि यह समूह 31 जुलाई तक शुरुआती सुझाव दे देगा और इसके बाद 30 सितंबर और 31 दिसंबर तक फिर से इस पर रिपोर्ट देगा। कहा जा रहा है कि तीन-तीन महीने के अंतराल पर इस रिपोर्ट के देने से स्थिति को बेहतर तरीक़े से समझा जा सकता है और उसी अनुसार आर्थिक क़दम उठाने के लिए फ़ैसले लिए जा सकते हैं। 
पंजाब से और ख़बरें
क़रीब 20 दिन पहले आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए राजस्थान सरकार ने भी टास्क फ़ोर्स का गठन किया था। तब 21 दिनों का लॉकडाउन चल रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दो टास्क फ़ोर्स गठित की। इसमें से एक टास्क फ़ोर्स प्रशासनिक स्थिति को देखने के लिए तो दूसरी आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने के लिए बनाई गई। तब प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में चरणबद्ध तरीक़े से और धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाने की बात पर ज़ोर दिया था। हालाँकि, 14 अप्रैल को पहले लॉकडाउन की मियाद ख़त्म होने पर इसे तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया गया।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

पंजाब से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें