loader

उत्तराखंड: बाक़ी रह गए तबाही के निशान, अब तक 77 की मौत 

बारिश ने इस बार पर्वतीय राज्य उत्तराखंड को गहरी चोट दी है। राज्य का कुमाऊं मंडल इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य में अब तक 77 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन पर्वतीय इलाक़ों में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह आंकड़ा कहीं ज़्यादा है। गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। 

आपदा से प्रभावित हुए लोगों के आंसू नहीं रुक रहे हैं। बहुत सारे लोगों ने अपनों को खोया तो कई लोगों के घर, दुकान आपदा की भेंट चढ़ गए। 

इस बीच, ट्रैकिंग पर गए कई लोगों के शव मिले हैं और कई लोगों की तलाश जारी है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने एएनआई को बताया कि ट्रैकिंग पर गए सात लोगों के शव मिल चुके हैं। दो को बचाया गया है और दो लोग लापता हैं। इसके अलावा एक और दूसरे ग्रुप के 5 ट्रैकर्स का शव मिला है। इस तरह अब तक कुल 12 ट्रैकर्स के शव मिल चुके हैं। 

ताज़ा ख़बरें
प्रशासन ने बागेश्वर के नजदीक पिंडारी और काफनी ग्लेशियरों से 65 ट्रैकर्स को बचाया है। जबकि पिथौरागढ़ की दारमा घाटी पर ट्रैकिंग पर गए 23 लोगों को बचाया गया है। 

नैनीताल जिले में जिस तरह भयंकर बारिश के बाद नैनी झील का पानी निकलकर सड़कों और आस-पास की दुकानों और घरों में घुस गया था, उसने लोगों को खौफ़ से भर दिया। नैनीताल जिले में बादल फटने, कई जगहों पर पहाड़ दरकने की भी घटनाएं हुई हैं। 

कई सड़कें अभी भी बंद 

नैनीताल के अलावा अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ जिले में भी कई जगहों पर भयंकर बारिश की वजह से पहाड़ों का मलबा सड़कों पर आ गया। प्रशासन लगातार सड़कों को खोलने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अभी भी कुमाऊं मंडल में कई जगहों पर सड़कें पूरी तरह बंद हैं और इस वजह से मैदानी इलाक़ों से वहां जाने वाला दूध, सब्जी, फल, दवाएं आदि ज़रूरी सामान नहीं पहुंच पा रहा है। सड़कें टूटने के अलावा कई जगहों पर छोटे पुल बह गए हैं। 

हालांकि अब बारिश काफ़ी कम हो रही है लेकिन इस आपदा ने जो जख़्म दिए हैं, उन्हें भरने में काफ़ी वक़्त लगेगा। 

उत्तराखंड से और ख़बरें

7 हज़ार करोड़ का नुक़सान 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि बारिश की वजह से राज्य को 7 हज़ार करोड़ का नुक़सान पहुंचा है। धामी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए चमोली जिले के डुंगरी गांव में प्रभावितों से मिले और चंपावत जिले में भी पीड़ितों के पास पहुंचे। 

विभागीय आयुक्त सुशील कुमार ने पीटीआई को बताया कि लगातार तीन दिन तक हुई जबरदस्त बारिश की वजह से कुमाऊं में 2 हज़ार करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ है। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

उत्तराखंड से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें