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पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन के निशाने पर सांसद प्रज्ञा सिंह?

मालेगाँव बम धमाके की आरोपी और भोपाल की बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने बेंगलुरु से एक ख़त और ख़त में घातक केमिकल मिलने की शिकायत भोपाल पुलिस को की है। उर्दू भाषा में लिखे गए ख़त के तार कथित तौर पर पाकिस्तान के एक आतंकवादी संगठन से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि यह ख़त उस आतंकवादी संगठन से भेजा गया है।

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने इस ख़त वाले लिफाफे को सोमवार रात साढ़े नौ बजे खोला था। लिफाफे में उर्दू भाषा में पत्र के अलावा केमिकल वाला पाउच भी था। बेहद क़रीने से एक के अंदर एक, दो अलग-अलग पाउचों में लपेटकर भेजे गये क़रीब बीस ग्राम केमिकल के कुछ अंश हाथों में छूने के बाद इचिंग होने की शिकायत सोमवार रात को ही प्रज्ञा सिंह ने पुलिस से की थी।

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सोमवार रात को ही पुलिस ने लिफाफा, ख़त और केमिकल अपने कब्ज़े में ले लिया था और जाँच शुरू कर दी थी। उधर प्रज्ञा सिंह ठाकुर का आरोप था कि इस तरह के कुछ ख़त उन्हें पूर्व में भी मिले थे। ख़तों में बेहद आपत्तिजनक भाषा, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियाँ उन्हें दी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस को उन्होंने जानकारियाँ दीं, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।

इस लिफाफे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रज्ञा सिंह ठाकुर के फ़ोटोग्राफ़ भी थे। इन फ़ोटोग्राफ़ पर लाल स्याही से ‘क्रॉस’ के निशान लगे थे। प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने ख़त, फ़ोटोग्राफ़ और केमिकल को देखने के बाद ख़ुद की जान को ख़तरा होने की बात कही थी।

भोपाल पुलिस ने पूरा मामला सामने आने के बाद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की सुरक्षा बढ़ा दी। इस बीच पुलिस सूत्रों से पता चला है कि उर्दू में लिखे गए इस ख़त का तर्जुमा करवा लिया गया है। ख़त में प्रज्ञा सिंह को उनकी कट्टरता के लिए आड़े हाथों लिए जाने और जमकर कोसे जाने की सूचना है। अंजाम ‘भुगतने’ के लिए तैयार रहने की कथित तौर पर प्रज्ञा सिंह को सख्त लहज़े में धमकी दिए जाने की सूचना भी है।

सूत्रों का कहना है कि पत्र भेजने वालों के तार पाकिस्तान के अनसारूल मुजाहिदीन आतंकी संगठन से जुड़े मिले हैं। यह संगठन वही है जिसने साल 2017 में पाकिस्तान के पाराचिनार शहर की सब्जी मंडी में धमाका किया था। धमाके में 20 लोग मारे गये थे, जबकि क़रीब 50 लोग जख्मी हुए थे। 

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मध्य प्रदेश के आला पुलिस अफ़सर भी पूरे मामले की जाँच में जुटे बताये जा रहे हैं। हालाँकि आधिकारिक तौर पर मामले में अफ़सर कोई भी बयान देने और मीडिया से सीधे बात करने से बच रहे हैं। भोपाल के डीआईजी इरशाद वली ने मीडिया से कहा, ‘लेटर के साथ मिले केमिकल को जाँच के लिए भेजा गया है। लेटर पुराना है। सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जाँच के बिंदुओं के बारे में ज़्यादा नहीं बताया जा सकता है।’

प्रज्ञा सिंह ठाकुर भोपाल सीट के लिए बीजेपी से लोकसभा का टिकट मिलने और इस सीट को जीत लेने के बाद से ज़्यादा सुर्खियों में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को उन्होंने रिकॉर्ड मतों से पराजित किया है। वह अपने बयानों को लेकर भी ख़ासी चर्चा में रही हैं। नाथूराम गोडसे की वकालत वाले उनके बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वह उन्हें कभी भी माफ़ नहीं करेंगे।

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संजीव श्रीवास्तव

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