कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने बीजेपी नेताओं का तांता लगा। शरीर त्यागते ही बीजेपी नेतृत्व को कैसे याद आए कल्याण सिंह? क्या चुनाव से पहले यह कसरत बीजेपी का कल्याण कर पाएगी? आलोक जोशी के साथ राम कृपाल सिंह, वीरेंद्र नाथ भट्ट, शरद गुप्ता, शीतल पी सिंह और हिमांशु बाजपेई।
काबुल पर तालिबान का कब्जा, लेकिन पुूरे अफगानिस्तान पर नहीं। पंजशीर में अहमद मसूद के लड़ाकों ने लोहा लिया तो काबुल में आम अफगान सड़क पर निकल आए। क्या अफगानिस्तान गृहयुद्ध की कगार पर है?
भारत के अलग अलग शहरों में अफगानिस्तान के बहुत से छात्र पढ़ते हैं। अफगानिस्तान में सत्ता पलट के बाद इनके लिए मुसीबत हो गई है। और बड़ी मुसीबत यह है कि इनमें से बहुतों के वीसा खत्म हो रहे हैं। क्या करें, कहां जाएं, यह सवाल है इनके आगे। आलोक अड्डा में आज ऐसे ही कुछ छात्रों से बातचीत
चुपचाप तालिबान से सौदा कर निकल लिया अमेरिका। चीन ने मौकापरस्ती की मिसाल दी। पाकिस्तान को तालिबान से फायदा होगा? भारत के लिए खतरा बढ़ गया है? क्या भारत ने तालिबान को मान्यता देने में देर कर दी है? पाकिस्तान, चीन और अमेरिका में काम कर चुके पूर्व राजनयिक और राजदूत विष्णु प्रकाश से आलोक जोशी की बातचीत।
मुठभेड़ोंं में तैंतीस सौ से ज्यादा कथित अपराधियों की टांग पर गोली लगी है। यानी उन्हें लंगड़ा कर दिया गया। क्या है ऑपरेशन लंगड़ा।आलोक जोशी के साथ पूर्व पुलिस महानिदेशक और लेखक विभूति नारायण राय, वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान और किस्सा गो हिमांशु बाजपेई
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के ख़िलाफ़ विचित्र मामला। फ़र्ज़ी डिग्री से चुनाव लड़ने का आरोप। पेट्रोल पंप आवंटन पर भी सवाल। बीजेपी नेता ने की याचिका!! आपराधिक मामला दर्ज करने की माँग. क्या इसके पीछे पॉलिटिक्स है? आलोक जोशी के साथ याचिकाकर्ता दिवाकर त्रिपाठी, अंबरीश कुमार और आशुतोष
किन्नैर में आज फिर एक भयानक हादसा हुआ। कुदरत चेतावनी दे रही है और आइपीसीसी की रिपोर्ट कह रही है कि दस बीस साल में ही हन बहुत बड़ी तबाही की ओर बढ़ रहे हैं। आलोक जोशी के साथ पर्यावरण पत्रकार हृदयेश जोशी, बीबीसी के पूर्व संपादक शिवकांत और हिमांशु बाजपेई ।
अफगानिस्तान में खूनखराबा और तेज़ हुआ। आधे से ज्यादा देश में फैला तालिबान। अमेरिका वापसी पर अड़ा। कैसे चलेगी अफगान सरकार? क्या यह बनेगा भारत के लिए सिरदर्द? विवेक काटजू, एस डी मुनि, शिवकांत, और शाहज़ेब जीलानी के साथ आलोक जोशी और हिमांशु बाजपेई।
संसद मार्ग थाने के पास खुलेआम भड़काऊ नारेबाज़ी। दिल्ली में आग लगाने की कोशिश। भावनाएं भड़काने वालों के चेहरे भी साफ हैं। फिर दिल्ली पुलिस के हाथ क्यों बंधे हैं?
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदला गया। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार पर सवाल क्यों? क्या ध्यानचंद के नाम पर राजनीति कर रही है मोदी सरकार? आलोक जोशी के साथ अलका लांबा, अशोक वानखेड़े, सतीश के सिंह, अकु श्रीवास्तव औऱ हिमांशु बाजपेई।
हॉकी स्टार वंदना कटारिया के परिवार से जातिवादी गाली गलौज। ओलंपनिक में हैटट्रिक लगाने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी। ऐसे ही मिलेगा खेलों को बढ़ावा? कहां है सबका साथ और सबका विकास? आलोक जोशी के साथ रविकांत, सुजाता, नवीन जोशी, सतीश के सिंह और हिमांशु बाजपेई।
कोआखिरकार सड़क पर उतरे अखिलेश यादव। उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन और साइकिल रैलियों का एलान। क्या इससे योगी सरकार को मुश्किल होगी? आलोक अड्डा में शरत प्रधान, वीरेंद्र नाथ भट्ट और अंबरीश कुमार के साथ आलोक जोशी। Will Akhilesh Yadav pose a challange for Yogi Adityanath's regime
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को नाश्ते पर बुलाया? और विपक्षी नेताओं ने संसद के लिए साइकिलें पकड़ लीं। क्या इससे मोदी की राजनीति का मुकाबला हो सकता है? आलोक जोशी के साथ सतीश के सिंह, प्रदीप श्रीवास्तव, रशीद किदवई, आशुतोष और अंबरीश कुमार।
MBBS, MD और MS से लेकर डिप्लोमा तक सारे मेडिकल कोर्सों में पिछड़ी जातियो यानी OBC के लिए सत्ताइस परसेंट और आर्थिक कमजोर वर्ग यानी ईडब्लूएस के लिए दस परसेंट कोटे का एलान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। क्या यह दबाव का नतीजा है, या फिर बीजेपी अब मंडल की तर्ज पर नया कार्ड चल रही है? आलोक अड्डा में उर्मिलेश, आशुतोष, दिलीप मंडल और और रविकांत के साथ आलोक जोशी
राष्ट्रीय लोकदल ने भाईचारा सम्मेलनों का सिलसिला शुरू करने का एलान किया। क्या फर्क पड़ेगा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर? क्या जाट और मुस्लिम साथ आ पाएंगे? क्या यह ब्राह्मण सम्मेलनों का जवाब भी है? आलोक जोशी के साथ विनोद अग्निहोत्री, यूसुफ अंसारी, हरिशंकर जोशी, पुष्पेंद्र सिंह और अंबरीश कुमार।