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नागरिकता क़ानून: शिलांग में हज़ारों लोगों का प्रदर्शन, आँसू गैस और लाठीचार्ज 

नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ मेघालय में प्रदर्शन और तेज़ हो गया है। राज्य की राजधानी शिलांग में इंटरनेट बंद होने के बावजूद हज़ारों की तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। राज भवन के पास कथित तौर पर प्रदर्शन करने वालों द्वारा पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने आँसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। रिपोर्टों में कहा गया है कि कई लोग घायल हुए हैं। ऐसे घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराए जाने की सूचना है। हालाँकि आधिकारिक तौर पर घायलों की ठीक-ठीक संख्या का पता नहीं चल पाया है। हिंसात्मक प्रदर्शन के बाद शिलांग के कुछ हिस्से में लगाए गए कर्फ़्यू में आज सुबह 10 बजे ही 12 घंटे के लिए ढील दी गई थी। मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवा दो दिन के लिए बंद कर दी गई है। गुरुवार को राज्य में ज़बरदस्त प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने यह क़दम उठाया है। नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ असम, त्रिपुरा सहित सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह का रविवार का शिलांग का दौरा रद्द करना पड़ा है। 'एनडीटीवी' ने गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि शाह शिलांग में नॉर्थ-ईस्ट पुलिस एकेडमी की पासिंग आउट परेड में शामिल होने जाने वाले थे। बताया जाता है कि उसके अगले दिन एक उत्सव में शामिल होने तवांग के लिए भी जाने वाले थे।

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बता दें कि शिलांग में विरोध-प्रदर्शन के कारण बाज़ार में दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं और यातायात वाहन भी नहीं चले। इससे पहले यहाँ गुरुवार को कई गाड़ियों में आग लगाए जाने और मशाल जुलूस निकाले जाने की ख़बर थी। मेघालय में इंटरनेट बंद किए जाने से पहले सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन के कई वीडियो वायरल हो गए। एक वीडियो में प्रदर्शनकारी दो कारों को आग लगाते हुए और बाज़ार बंद करने के लिए लोगों से उलझते हुए दिखते हैं। ट्विटर पर डाले गए एक पोस्ट में दावा किया गया है कि शहर में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में मशाल जुलूस निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग देखे जा सकते हैं।

इधर असम में बड़े स्तर पर आंदोलन जारी है। शुक्रवार को हज़ारों की तादाद में छात्रों ने प्रदर्शन किया। इससे पहले गुरुवार की शाम गुवाहाटी के लाचित नगर में आंदोलनकारियों पर सुरक्षाकर्मियों ने गोलियाँ चलाई थीं जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हुए हैं। असम और त्रिपुरा में सेना तैनात की गई है। दोनों राज्यों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। विरोध को देखते हुए मेघालय में भी मोबाइल इंटरनेट को बंद किया गया है। गुवाहाटी में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू जारी है। कई जगहों पर बीजेपी और आरएसएस कार्यालयों पर हमले किए गए हैं।

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इन तमाम विरोध प्रदर्शनों और आन्दोलन के बीच गुरुवार की रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। गुरुवार रात को ही आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर दी गई। अब यह क़ानून बन चुका है। अब इसके क़ानून बनते ही 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और बाँग्लादेश से भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध नहीं माना जाएगा। उन्हें इस देश की नागरिकता दी जाएगी। हालाँकि, इस क़ानून में मुसलिमों के लिए यह प्रावधान नहीं है।

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