loader
हॉस्पिटल के बेड से बंधे बुजुर्ग।

मध्य प्रदेश: बुजुर्ग को बंधक बनाने वाला अस्पताल सील, संचालक पर एफ़आईआर

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के उस प्राइवेट हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है, जिसने बकाया राशि ना चुकाने पर एक बुर्जुग मरीज को अस्पताल के बेड से बांध दिया था। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा अस्पताल के संचालक के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की गई है।

बता दें, शनिवार को सोशल मीडिया पर बुजुर्ग का वीडियो और तसवीरें वायरल हुई थीं। बुजुर्ग राजगढ़ जिले के रूनायरा गांव के रहने वाले हैं और उनका नाम लक्ष्मीनारायण दांगी (65 वर्ष) है। 

ताज़ा ख़बरें

लक्ष्मीनारायण दांगी की बेटी शीला दांगी ने आरोप लगाया था कि उसके पिता चार दिनों से शाजापुर के सिटी हॉस्पिटल में भर्ती थे। पेट में तेज दर्द के चलते पिता को वहां भर्ती कराया गया था। आराम ना मिलने पर उन्होंने पिता को डिस्चार्ज करने का अनुरोध हॉस्पिटल से किया था। हॉस्पिटल ने चार दिनों में उनसे दो किश्तों में 11 हजार रुपये लिये और डिस्चार्ज के समय 11 हजार 270 रुपये का एक नया बिल थमा दिया। 

पैसे ना होने की बात कहने पर हॉस्पिटल ने पिता को उसी बेड से बांध दिया था, जिस पर उनका इलाज चल रहा था। शीला के परिजनों ने घटनाक्रम का वीडियो बनाकर वायरल किया तो हड़कंप मच गया। मीडिया सक्रिय हुआ। बात फैलने पर हॉस्पिटल ने बकाया राशि लिये बिना उसके पिता को अस्पताल से जाने दिया था। 

मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अफसोस जताया था। उन्होंने पूरे मामले की जांच के निर्देश देते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की बात भी कही थी। सीएम ने घटनाक्रम को लेकर ट्वीट भी किया था। 

सीएम के ट्वीट के बाद शाजापुर जिला प्रशासन हरकत में आया था। शनिवार को पूरे दिन जांच-पड़ताल चली थी। लक्ष्मीनारायण और उनके परिजनों के बयान दर्ज हुए थे। शाजापुर एसडीएम की अगुवाई में आधा दर्जन से ज्यादा अधिकारियों का अमला सिटी हॉस्पिटल भी पहुंचा था। 

मध्य प्रदेश से और ख़बरें
शनिवार शाम से रात तक हॉस्पिटल के रिकार्ड को भी उलटा-पलटा गया था। हॉस्पिटल के स्टाफ़ और डायरेक्टर डाॅक्टर वरूण बजाज से भी पूछताछ हुई थी। जांच-पड़ताल और पूरी रिपोर्ट भोपाल को भेजने के बाद सोमवार शाम को सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर डायरेक्टर डाॅक्टर बजाज के ख़िलाफ़ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है।

उधर, हॉस्पिटल के संचालक डाॅक्टर बजाज ने ‘सत्य हिन्दी’ से बातचीत में दावा किया था कि लक्ष्मीनारायण को पेट की आंतों में तकलीफ थी। स्टोक (मिर्गी) की समस्या भी उन्हें हो रही थी, इसी वजह से उन्हें बेड से बांधा गया था। डिस्चार्ज के वक्त बकाया बिल मांगने पर परिजनों ने देने से इनकार किया था। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। पुलिस से बातचीत में परिजनों ने अपनी मुश्किलें गिनाईं थी। बजाज के मुताबिक़, पुलिस के आश्वासन पर लक्ष्मीनारायण को सरकारी अस्पताल ले जाने की अनुमति हॉस्पिटल ने दे दी थी।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
संजीव श्रीवास्तव

अपनी राय बतायें

मध्य प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें