loader

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात की, काम की बात भी सुनते: हेमंत सोरेन

प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक ट्वीट से बवाल मच गया। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की स्थिति पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बात की तो सोरेन ने प्रधानमंत्री मोदी पर ट्वीट से तंज कसा था। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मन की बात की, बेहतर होता कि वह काम की बात सुनते भी'। 

जाहिर तौर पर हेमंत सोरेन के इस ट्वीट का सीधा मतलब यह था कि प्रधानमंत्री मोदी ने हेमंत सोरेन की बात नहीं सुनी। वैसे, विपक्षी दलों के नेता अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम 'मन की बात' का हवाला देकर आरोप लगाते हैं कि वह सिर्फ़ अपनी बात ही कहते हैं और दूसरों की बात नहीं सुनते हैं। न्यूज़ एजेंसी 'पीटीआई' ने भी एक अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है कि सोरेन इससे नाख़ुश थे कि बातचीत में उन्हें अपनी चिंताएँ जाहिर नहीं करने दी गईं और सिर्फ़ प्रधानमंत्री ही बोलते रहे। 

कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री पर हमला किया। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, 'यह एक गम्भीर चिंता का विषय है कि ऐसे नाज़ुक समय में भी प्रधानमंत्री सिर्फ़ बोलना चाहते हैं, सुनना नहीं। मुख्यमंत्रियों की भी नहीं सुनते।'

हेमंत सोरेन के ट्वीट के बाद बीजेपी की तरफ़ से तीखी प्रतिक्रियाएँ आईं। बीजेपी नेता हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट किया, 'आपका यह ट्वीट न सिर्फ़ न्यूनतम मर्यादा के ख़िलाफ़ है बल्कि उस राज्य की जनता की पीड़ा का भी मजाक़ उड़ाना है जिनका हाल जानने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने फ़ोन किया था। बहुत ओछी हरकत कर दी आपने। मुख्यमंत्री पद की गरिमा भी गिरा दी।'

इसमें आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी भी कूद गए और प्रधानमंत्री मोदी के बचाव में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ' प्रिय हेमंत सोरेन, मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान है, लेकिन एक भाई के रूप में मैं आपसे आग्रह करूँगा, चाहे हमारे मतभेद कुछ भी हों, इस तरह की राजनीति में लिप्त होने से केवल हमारा ही राष्ट्र कमज़ोर होगा।' 

उन्होंने आगे कहा, 'कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस युद्ध में यह समय उँगलियाँ उठाने का नहीं बल्कि एक साथ आने और हमारे प्रधानमंत्री के हाथों को मज़बूत करने का है जिससे प्रभावी रूप से महामारी का मुक़ाबला किया जा सके।'

ताज़ा ख़बरें

झारखंड में बीजेपी के नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन पर तीखा हमला किया और कहा कि वह विफल रहे हैं इसलिए वह इस तरह की बात कर रहे हैं। उन्होंने ट्वीट किया, 'हेमंत सोरेन एक असफल मुख्यमंत्री हैं। शासन में विफलता। राज्य में कोरोना से निपटने में विफलता। लोगों की सहायता करने में विफलता। अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए उन्होंने अपने पद की गरिमा को कम कर दिया। श्रीमान सोरेन, जागिए और काम पर लग जाइए। वक़्त गुजरता जा रहा है।' 

बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी राज्यों में कोरोना की स्थिति को लेकर फ़ोन पर मुख्यमंत्रियों से आजकल बात कर रहे हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और झारखंड के मुख्यमंत्रियों से बात की थी। शुक्रवार को भी उन्होंने उत्तर पूर्व के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है। 

झारखंड से और ख़बरें

यह तब हो रहा है जब पूरे देश में कोरोना से स्थिति ख़राब है। आज लगातार दूसरे दिन कोरोना के रिकॉर्ड पॉजिटिव केस आए हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी गुरुवार के 24 घंटे के आँकड़ों के अनुसार देश में 4 लाख 14 हज़ार 188 संक्रमण के नये मामले सामने आए हैं। इससे एक दिन पहले एक दिन में देश में 4 लाख 12 हज़ार 262 पॉजिटिव केस आए थे और इस दौरान 3980 लोगों की मौत हुई थी। एक दिन में मौत का यह आँकड़ा सबसे ज़्यादा था। शुक्रवार को जो एक दिन में मौत का आँकड़ा जारी किया गया है वह कल से मामूली कम है और 3915 मरीज़ों की मौत की बात कही गई है। 

यह तीसरी बार है जब एक दिन में 4 लाख से ज़्यादा केस आए हैं। इससे पहले देश में एक मई को 24 घंटे में 4.1 लाख केस आए थे।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

झारखंड से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें