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मां को चारपाई पर रखकर बैंक ले जाती बेटी।

ओड़िशा: 500 रुपये की पेंशन के लिए 100 साल की मां को चारपाई पर रखकर बैंक ले गई बेटी

ओड़िशा में 60 साल की एक महिला अपनी 100 साल की मां को चारपाई पर रखकर और चारपाई को घसीटते हुए बैंक तक ले गई। महिला ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मां की पेंशन निकालने के लिए बैंक के मैनेजर ने उनसे मां का फ़िजिकल वेरिफ़िकेशन कराने के लिए कहा था। लेकिन मां के बिस्तर से नहीं उठ पाने के कारण उन्हें चारपाई पर लेकर जाना पड़ा। 

हालांकि जिलाधिकारी ने महिला के दावे को ग़लत बताया है और कहा है कि बैंक मैनेजर के महिला के घर जाने से पहले ही वह अपनी मां को बैंक ले आईं। 

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महिला द्वारा चारपाई को घसीटकर मां को ले जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। महिला का नाम पूंजीमति देई है और वह नौपुरा जिले के बड़गांव में रहती हैं। 

घटना झकझोरने वाली है क्योंकि बूढ़ी मां चारपाई पर बेसुध लेटी हुई है और उनकी उम्रदराज बेटी इतनी तेज धूप में उन्हें ले जाने के लिए मजबूर है, वह भी सिर्फ़ 500 रुपये प्रति महीने की पेंशन के लिए।

मार्च के महीने में केंद्र सरकार द्वारा कोरोना संकट के कारण महिलाओं के जन धन खाते में तीन महीने तक 500 रुपये प्रति महीने डालने की घोषणा की गई थी। ये पैसे निकालने के लिए ही महिला अपनी मां को बैंक ले जा रही थी। 

वीडियो में दिख रहा है कि बेटी पसीने से तरबतर होने के बाद भी नहीं रुकती, पसीना पोछते हुए, धीरे-धीरे चारपाई को खिसकाकर आगे बढ़ती जाती है।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, महिला के गांव वालों ने बताया कि 9 जून को पूंजीमति अपनी मां लाभे बघेल के खाते में से 1500 रुपये निकालने के लिए उत्कल ग्रामीण बैंक की स्थानीय शाखा में गई थी। लेकिन बैंक के मैनेजर अजीत प्रधान ने उससे कहा कि उन्हें पैसे निकालने के लिए अपनी मां को लाना होगा। 
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पूंजीमति ने कहा कि उनकी मां बिस्तर से नहीं उठ सकती और उन्हें उनकी चारपाई पर रखकर बैंक ले जाने के सिवा उनके पास कोई रास्ता नहीं था। अगले दिन पूंजीमति के मां को वहां ले जाने पर मैनेजर ने उन्हें पेंशन के पैसे दे दिए। 

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, जिलाधिकारी मधुष्मिता साहू ने कहा है कि बैंक केवल एक ही व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है और ऐसे में मैनेजर का उसी दिन महिला के घर जाना मुश्किल था। 

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क़मर वहीद नक़वी

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