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एमपी में गुंडाराज: रेत माफिया ने दी साहित्यकार उदय प्रकाश को मार डालने की धमकी

देश के जाने-माने साहित्यकार उदय प्रकाश रेत माफिया का दंश झेल रहे हैं। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में स्थित अपने पैतृक आवास में रह रहे उदय प्रकाश को रेत माफिया ने ट्रक से कुचलकर मार डालने की धमकी दी है। उदय प्रकाश ने माफिया की गाड़ी इसलिए रोकी थी क्योंकि उनके घर के बाहर से गुजरने वाली निजी सड़क की हालत बदतर कर दी गई है, जिसके सुधार के लिए उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया था।

मंगलवार को उन्होंने रेत माफियाओं के वाहनों को रोका तो खनिज विभाग सहित माफिया के तमाम गुर्गे भी पहुंच गए। माफिया के गुर्गे उदय प्रकाश को धमकियां देने लगे। जब एक युवा ने उन्हें ट्रक से कुचलकर मार डालने की धमकी दी तो जिला खनिज अधिकारी पीपी राय ने उसे डांटकर वहां से भगा दिया। उदय प्रकाश ने इस मसले पर कहा, “मैंने रेत से भरे ट्रकों की आवाजाही पर विरोध जताया, इसलिए माफिया के लोगों ने मुझे धमकी दी। अभी मैंने पुलिस में शिकायत नहीं की है।”

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सोन नदी से अवैध खनन

उदय प्रकाश वैसे गाजियाबाद जिले के वैशाली इलाके में रहते हैं। कोरोनावायरस के संक्रमण से पहले वह अपने पैतृक आवास अनूपपुर पहुंचे थे। उसके बाद से हुए लॉकडाउन से वह गांव में ही फंसे हुए हैं। लॉकडाउन में ढील होते ही रेत माफिया सक्रिय हो गए। उनके मकान के बिल्कुल पास से ही सोन नदी बहती है। वहीं से खनन माफिया बालू निकालते हैं। 

अनूपपुर जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर की सीमा में स्थित उनके आवास के सामने से रेत माफिया के ट्रक गुजरते हैं। उदय प्रकाश का कहना है कि उनके घर के सामने बनी सड़क उनकी पुश्तैनी मिल्कियत है। उन्होंने तत्कालीन जिला कलेक्टर अजय शर्मा को पत्र लिखकर वह जमीन सड़क के लिए जिला प्रशासन को दे दी थी, जिससे स्थानीय निवासियों की आवाजाही सुचारू हो सके।

स्थानीय लोग रेत माफिया के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहे उदय प्रकाश के साथ हैं लेकिन राजनीति और अपराध जगत के कॉकटेल के कारण कोई कार्रवाई न होने से वे परेशान हैं।

परिवार को मिली थी धमकी

मई, 2018 में रेत माफियाओं ने उदय प्रकाश के बेटे शांतनु और उनकी पत्नी कुमकुम को रिवॉल्वर दिखाते हुए गोली मार देने की धमकी दी थी। उस समय शांतनु ने रात 2 बजे घर की चहारदीवारी तोड़कर जा रहे ट्रक के ख़िलाफ़ 100 डॉयल करके शिकायत दर्ज कराई थी। 

शांतनु के मुताबिक़, उसके बाद उन्हें ही पुलिस ने उठा लिया और थाने ले जाकर अभद्रता की और टीआई ने कहा क तुम्हें ट्रक रोकने का अधिकार नहीं है, चाहे वह अवैध ही क्यों न हो। उस समय अनूपपुर के एसपी सुनील जैन ने कहा था कि पहले क्या हुआ, वह नहीं बता सकते क्योंकि उस वक्त वह ट्रेनिंग पर थे लेकिन सोन नदी में अवैध खनन होने की शिकायत गलत है। उस समय उदय प्रकाश के परिवार को मिली धमकियों को लेकर साहित्य जगत के लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे।

उदय प्रकाश पर कई मुकदमे दर्ज 

2018 में मिली धमकियों के बाद जब उदय प्रकाश के परिवार ने प्रशासन से शिकायत की तो माफियाओं ने उनके ख़िलाफ़ ही शिकायत दर्ज करा दी। तत्कालीन एसपी सुनील जैन ने कहा था कि उदय प्रकाश के विरुद्ध कुछ लोगों ने हमें ज्ञापन दिया है, हम उसकी जांच कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने उस ज्ञापन को एफ़आईआर में तब्दील कर दिया। इस समय उदय प्रकाश के ख़िलाफ़ 4 मुकदमे दर्ज हैं और ये सभी अपराधियों ने उनके ख़िलाफ़ दर्ज कराए हैं। 

उदय प्रकाश की जिंदगी पिछले 2 साल से कचहरी के चक्कर लगाते हुए बीत रही है। साहित्य जगत की वैश्विक हस्ती उदय प्रकाश को भारत की प्रशासनिक व्यवस्था, कानून, नेता व माफियाओं के गठजोड़ ने मुकदमों में उलझा रखा है।
इससे उदय प्रकाश के लेखन के कार्यों पर बुरा असर पड़ रहा है, जो उनकी रोजी-रोटी का मुख्य ज़रिया भी है।

रेत माफियाओं का राज

मध्य प्रदेश में रेत माफियाओं पर कोई कानून नहीं चलता। जानकारों का कहना है कि इसमें स्थानीय नेताओं से लेकर प्रदेश के आला नेताओं का माफियाओं के साथ गठजोड़ काम करता है, जिसके चलते अधिकारी पूरी तरह बेबस नजर आते हैं और जो भी अधिकारी या पुसिल विभाग का व्यक्ति माफिया का विरोध करता है, उसे मारने-पीटने से लेकर हत्या तक कर देने की घटनाएं सामने आती हैं। कुछ घटनाओं से मध्य प्रदेश में माफिया राज के बारे में समझा जा सकता है।

11 अगस्त, 2020- मध्य प्रदेश के कटनी में ग्रामीणों ने रेत माफिया पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। कटनी के बरही थाना क्षेत्र के नदावन गांव के केशव तिवारी ने रेत निकाल रहे माफिया का विरोध किया। रेत का काम करने वाला प्रदीप सिंह भी वहां पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा तो रेत माफिया के लोगों ने तिवारी पर हमला कर दिया। उसके बाद गांव के लोग भी उग्र हो गए और रेत माफिया व उसके साथियों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

17 जुलाई, 2020- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में विजयपुर के गढ़ी चेकपोस्ट पर रेत माफिया ने पुसिलकर्मियों पर हमला कर दिया। असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर राजेन्द्र जादौन को धमकाते हुए चांटा मारा और धक्का देकर जमीन पर पटक दिया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला सामने आया। वीडियो में दिखा कि घटना के वक्त एक कांस्टेबल रेत माफिया के आगे गिड़गिड़ा रहा है। पिट रहे एएसआई ने भी किसी तरह प्रतिकार नहीं किया, बल्कि हाथ बांधकर सिर झुकाकर रेत माफिया की धमकी और अपशब्द सुनता रहा। इसके बाद रेत माफिया ट्रैक्टर-ट्राली लेकर चले गए। इसी इलाके में इस घटना से 15 दिन पहले उप जिलाधिकारी और तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई थी।

26 जून, 2020- विजयपुर के गोहटा रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ने पर 15 से ज्यादा रेत माफिया ने सहायक कलेक्टर और प्रभारी एसडीएम नवजीवन विजय और तहसीलदार अशोक गोबड़िया के साथ हाथापाई की। रेत माफिया अधिकारियों को धमकाते हुए रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली ले गए।

28 जून, 2020- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में रेत माफिया ने अपने बेटे के साथ रेत के अवैध भंडारण के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने पहुंचे वन रक्षक देवशरण और श्रमिक राम नरेश यादव के साथ मारपीट की। यादव भागने में कामयाब रहा, लेकिन वन रक्षक को आरोपियों ने जमकर पीटा और उसकी वर्दी फाड़ डाली।

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पुलिस अफ़सर पर रॉड से हमला 

29 जून, 2020- देवास में एसडीओपी अपने दो पुलिस जवानों के साथ कन्नौद से सतवास आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने की कोशिश की, लेकिन माफिया ने वाहन नहीं रोका और एसडीओपी के ड्राइवर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस बीच माफिया ने अन्य साथियों को भी बुला लिया। उसके बाद सभी ने पुलिस जवानों पर हमला कर दिया, जिसमें एसडीओपी के ड्राइवर और पुलिसकर्मी संदीप जाट घाटल हो गए।

मई, 2020- गढ़ी चेकपोस्ट पर रेत माफिया ने दो कांस्टेबल को बुरी तरह पीटा। सिपाहियों ने तत्कालीन थाना प्रभारी सतीश साहू से इसकी शिकायत की, लेकिन रेत माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 3 दिन बाद दोनों कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया।

पटवारी, तहसीलदार पर जानलेवा हमला

19 मई, 2020- बैतूल जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर शाहपुर थाना क्षेत्र में ग्राम गुवाड़ी के पास रात साढ़े 11 बजे अवैध रेत खनन कर रहे माफिया के गुर्गों ने राजस्व और पुलिस की टीम पर जानलेवा हमला किया। वाहनों पर पथराव में 2 पटवारी, तहसीलदार के वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गए और तहसीलदार नरेंद्र ठाकुर और थाहपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी देवनारायण यादव को मामूली चोटें आईं।

अप्रैल, 2020- लॉकडाउन के दौरान नरसिंहपुर जिले में रात के अंधेरे में नर्मदा के साथ उसकी सहायक नदियों में रेत का खनन हुआ। रेत माफिया इसका भंडारण कर रहे थे, जिससे मॉनसून शुरू होने पर महंगे दाम पर रेत बेची जा सके। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की। इसके बारे में जिले के खनिज अधिकारी रमेश पटेल ने कहा, ‘लॉकडाउन और कोरोना संकट को लेकर पुलिस बल अभी अन्य कामों में लगा है। सुरक्षा बल की कमी है। रेत खनन की शिकायतें आई हैं, लेकिन फोर्स मिलने के बाद ही कार्रवाई की जा सकती है।’

ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश 

मार्च, 2020- ब्यावरा शहर की अजनार नदी के किनारे मोहनीपुरा गांव के पास अवैध रेत ले जाने वाले ट्रैक्टरों को पकड़ने गई राजस्व टीम पर हमला हुआ। तहसीलदार की मौजूदगी में कार्रवाई करने पहुंचे आरआई ओपी चौधरी पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई, जिसे आस-पास खड़े पटवारियों ने किसी तरह रोका। माफिया सरकारी कर्मियों से ट्रैक्टर छीनकर ले गए।

3 सिपाहियों की हत्या 

यह सिर्फ लॉकडाउन के दौरान की घटनाएं हैं। इसके पहले मुरैना में रेत माफिया ने डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह कुशवाहा को दिसंबर, 2018 में ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला था। इसी जिले में चंबल नदी से अवैध उत्खनन रोकने की कवायद कर रहे युवा आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को रेत माफिया ने मार डाला था। इसके बाद मुरैना में ही तीन अलग-अलग घटनाओं में रेत माफिया ने 3 सिपाहियों की हत्या कर दी थी।  

पत्रकार की हत्या 

मार्च, 2018 में भिंड में रेत माफिया का स्टिंग ऑपरेशन करने वाले स्थानीय न्यूज चैनल के पत्रकार संदीप शर्मा (35 साल) को रेत ले जाने वाले खाली ट्रक ने सिटी कोतवाली पुलिस थाने के सामने कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी फुटेज भी वायरल हुई थी। 

23 अक्टूबर, 2017 को भिंड जिले में मघारा गांव के एक किसान जसराम पुरवंशी द्वारा रेत माफिया को अपने खेत से निकलने का रास्ता नहीं देने पर माफिया द्वारा किसान के घर पर गोलीबारी की गई। गोलीबारी में एक ग्रामीण घायल हो गया।

बीजेपी शासन में रेत माफिया सक्रिय 

यह घटनाएं नजीर हैं कि मध्य प्रदेश में बीजेपी का शासन आते ही किस तरह से रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं। अधिकारी से लेकर पुलिस कर्मी तक रेत माफियाओं के हमले व अपमान झेलने को विवश हैं। उदय प्रकाश के मामले में भी बीजेपी के स्थानीय नेता और रेत माफिया का नैक्सस सामने आ रहा है।

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प्रीति सिंह

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