loader
क्वारेंटीन सेंटर में पहुंचीं केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह।

अंधेरी कोठरी में ले जाकर ठोकना जानती हूं: केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह

केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह ने अधिकारियों को हड़काते हुए कहा है कि वह अंधेरी कोठरी में ले जाकर बेल्ट खोलकर अच्छे से ठोकना जानती हैं। रेणुका सिंह आदिवासी मामलों की मंत्री हैं। रेणुका सिंह के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। 

बलरामपुर जिले के ही रहने वाले और दिल्ली से लौटकर क्वारेंटीन सेंटर में रुके दिलीप गुप्ता ने यहां की ख़राब हालत का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। दिलीप गुप्ता ने क्वारेंटीन सेंटर में मिल रहे ख़राब खाने और दूसरी सुविधाओं में ख़राबी की शिकायत की थी।

ताज़ा ख़बरें

गुप्ता ने आरोप लगाया था कि जिले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और तहसीलदार ने यह वीडियो अपलोड करने पर उन पर हमला कर दिया था। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनके बाल खींचे थे और उन्हें वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की थी। गुप्ता की शिकायत पर रेणुका सिंह रविवार को छत्तीसगढ़ के एक क्वारेंटीन सेंटर में पहुंची थीं। रेणुका सिंह छत्तीसगढ़ के सरगुजा से सांसद हैं। 

 

इस दौरान रेणुका सिंह ने अधिकारियों से कहा, ‘दादागिरी नहीं चलेगी, कोई भी अधिकारी यह नहीं सोचे कि यहां सरकार हमारी नहीं है। हमने यहां 15 साल सरकार चलाई है। हमने यहां भुखमरी, अशिक्षा, नक्सलियों को दूर किया है। विकास हमने किया है, इस सरकार के पास मरमम्त के पास पैसा नहीं है।’  इस सरकार से उनका मतलब शायद राज्य की कांग्रेस सरकार से था। 

रेणुका सिंह कहती हैं कि कोरोना संकट से लड़ने के लिए भारत सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। वह आगे कहती हैं, ‘भगवाधारी भाजपा के कार्यकर्ताओं को कमजोर मत समझना आप। यहां जनपद में बैठकर, तहसील में बैठकर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ आप जो भेदभाव कर रहे हैं ना, भूल जाइए आप।’ 

केंद्रीय मंंत्री आगे कहती हैं, ‘अंधेरी कोठरी में ले जाकर बेल्ट खोलकर ठोकना जानती हूं, बहुत अच्छे से।’

छत्तीसगढ़ से और ख़बरें

इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि दिलीप गुप्ता द्वारा बलरामपुर क्वारेंटीन सेंटर की अव्यवस्थाओं का वीडियो वायरल करने पर और उनके साथ मुख्य कार्य पालन अधिकारी विनय गुप्ता एवं तहसीलदार द्वारा मारपीट की सूचना पर वह सेंटर में जाकर उनसे मिलीं और घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

छत्तीसगढ़ से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें