loader
फोटो साभार: @mahendermanral/वीडियो ग्रैब

दिल्ली: रोहिणी कोर्ट में अब धमाका, वहाँ दो माह पहले ही हुई थी फ़ायरिंग

रोहिणी ज़िला अदालत में गुरुवार सुबह कोर्ट रूम नंबर 102 के अंदर कम तीव्रता वाला विस्फोट हो गया। इसमें एक कांस्टेबल घायल हो गया है। हालाँकि अधिकारियों ने कहा है कि यह विस्फोट निम्न स्तर का था, लेकिन फर्श का एक छोटा हिस्सा धंस गया। अदालत की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दो महीने पहले ही वहाँ फायरिंग की घटना हुई थी। दिल्ली के रोहिणी ज़िला अदालत परिसर में आख़िर एक के बाद एक ऐसी घटनाएँ क्यों हो रही हैं?

दो महीने पहले जब रोहिणी कोर्ट में फायरिंग की वारदात हुई थी तो कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। दरअसल, फायरिंग की वह घटना भी काफ़ी बड़ी थी।

ताज़ा ख़बरें

तब फायरिंग गैंगस्टरों ने की थी। इसके बाद पुलिस से बदमाशों की मुठभेड़ हो गई थी। उसमें तीन लोग मारे गए थे। मारे गए लोगों में से दो हमलावर थे। पहले हमलावरों ने एक गैंगस्टर पर पेशी के दौरान फ़ायरिंग की थी और फिर बाद में पुलिस ने हमलावरों को मार गिराया था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के हवाले से ख़बर आई कि हमलावर वकीलों के भेष में अदालत परिसर में घुसे थे। पुलिस द्वारा सुनवाई के लिए गैंगस्टर जितेंद्र मान 'गोगी' को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट लाए जाने के दौरान हमलावरों ने उस पर गोलियाँ चला दीं। गोगी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन पुलिस ने कहा है कि बाद में गोगी की भी मौत हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

अब रोहिणी की ही अदालत में विस्फोट हुआ है। दमकल विभाग के अनुसार, उन्हें सुबह करीब 10.40 बजे फोन आया कि रोहिणी कोर्ट के अंदर एक विस्फोट हुआ है। 

अधिकारी ने कहा कि हमने तुरंत दमकल की सात गाड़ियां मौक़े पर भेजीं और सुबह करीब 11.10 बजे हमारे बचाव दल ने हमें बताया कि एक व्यक्ति घायल हो गया है।

डीसीपी (रोहिणी ज़िला) प्रणव तायल ने 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, 'हमने विस्फोट के सही कारण का पता लगाने के लिए एफएसएल विशेषज्ञों को बुलाया है।'

दिल्ली से और ख़बरें

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता चिन्मय बिस्वाल ने कहा, 'रोहिणी कोर्ट परिसर में सुबह करीब साढ़े दस बजे एक लैपटॉप बैग में मामूली विस्फोट की घटना हुई। मौके की घेराबंदी कर दी गई है। फोरेंसिक और एनएसजी की टीमें इसकी जांच कर रही हैं।'

घायल की पहचान सुल्तानपुरी थाने में तैनात कांस्टेबल राजीव कुमार के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

दिल्ली से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें