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भारत ने 118 चीनी मोबाइल ऐप पर लगाया बैन, पबजी भी शामिल 

चीन के साथ सीमा पर चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने बुधवार को एक और अहम फ़ैसला लिया है। सरकार ने 118 चीनी मोबाइल ऐप पर बैन लगा दिया है। सूचना और प्रोद्यौगिकी मंत्रालय ने कहा है कि ये ऐप भारत की संप्रभुता, एकता और सुरक्षा के लिए ख़तरा थे। 

सरकार ने पहली बार में 59 और फिर 49 ऐप को बैन किया था। इस तरह भारत सरकार अब तक कुल 224 ऐप को बैन कर चुकी है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी क़ानून की धारा 69 ए के तहत यह क़दम उठाया है। सरकार ने कहा है कि यह फ़ैसला ख़तरे की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है। 

इससे पहले जून महीने में और उसके बाद भी भारत ने इस तरह की कार्रवाई की थी। पिछली बार जिन चीनी ऐप को ब्लॉक किया गया था, उनमें टिक टॉक और यूसी ब्राउज़र के अलावा इनमें शेयर इट, हैलो, लाइकी, क्लब फैक्ट्री, न्यूज़ डॉग, वीचैट, यूसी न्यूज, वीबो और जेंडर जैसे लोकप्रिय ऐप भी शामिल थे।

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चीन की गुस्ताख़ी बढ़ी

गलवान में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद चीन पहले तो बातचीत का नाटक करता रहा लेकिन फिर से वह नापाक हरक़तों पर उतर आया है। 29-30 अगस्त को पैंगोंग त्सो झील के इलाक़े में चीन के सैनिकों की ओर से भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश के बाद सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। इसके बाद भारत ने आनन-फानन में फ़ैसला लेते हुए श्रीनगर-लेह हाईवे को आम लोगों के लिए बंद कर दिया था। 

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1962 के बाद सबसे गंभीर स्थिति

बीते हफ़्ते ही विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनाव के मौजूदा हालात 1962 के बाद सबसे गंभीर स्थिति है। उन्होंने रेडिफ़ डॉट कॉम से कहा था, ''निश्चित तौर पर 1962 के बाद यह सबसे गंभीर स्थिति है। यहाँ तक कि 45 साल बाद चीन के साथ संघर्ष में सैनिक हताहत हुए हैं। सीमा पर दोनों तरफ़ से सैनिकों की तैनाती भी अप्रत्याशित है।'

पीछे नहीं हटेगी चीनी सेना?

चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने साफ़ कह दिया है कि सीमांत इलाक़ों में वह जहाँ है, वही वास्तविक नियंत्रण रेखा है और वह वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करती हुई वहीं टिकी रहेगी। भारत की ओर से भी यह साफ है कि भारत भी अपनी सेना तैनात कर वहां मजबूती से टिका रहेगा। 

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क़मर वहीद नक़वी

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