loader

ब्रिटेन की 'लाल सूची' में भारत, यात्रा पर रोक

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉन्सन ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अपनी भारत यात्रा तो रद्द कर ही दी, ब्रिटेन ने भारत से यात्रा पर कड़ी पाबंदी लगाते हुए उसे 'लाल सूची' में डाल दिया है। 

ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने एलान किया है कि ब्रिटेन और आयरलैंड के नागरिकों को छोड़ कर दूसरा कोई आदमी भारत से ब्रिटेन नहीं जा सकता है। यह फ़ैसला शुक्रवार को लागू हो जाएगा।

लाल सूची में भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश भी हैं। 

ख़ास ख़बरें

इसके अनुसार, 'इन देशों से ब्रिटेन पहुँचे हुए लोगों को बहुत ही ऊँची रकम देकर सरकारी क्वरेन्टाइन घरों में रहना होगा।' मैट हैनकॉक ने कहा,

हमने भारत को लाल सूची में डालने का बहुत ही कठिन लेकिन ज़रूरी फ़ैसला लिया है।


मैट हैनकॉक, स्वास्थ्य मंत्री, ब्रिटेन

प्रधानमंत्री की यात्रा रद्द

सोमवार को ही ब्रिटिश सरकार ने प्रधानमंत्री जॉन्सन की भारत यात्रा रद्द करने का एलान किया। यह जॉन्सन की पहली भारत यात्रा होती। एक साझे बयान में कहा गया, 'कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री जॉन्सन के लिए अगले हफ़्ते भारत जाना मुमकिन नहीं होगा।' 

यह कहा गया कि 'जॉन्सन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अगले महीने दोनों देशों के रिश्ते और सुधारने के लिए बात करेंगे।' 

ब्रिटेन ने यह एलान ऐसे समय किया है जब भारत में रविवार को कोरोना संक्रमण के फिर से रिकॉर्ड मामले आए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार सुबह जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार रविवार को 24 घंटे में 2 लाख 73 हज़ार 810 पॉजिटिव केस आए।

इस दौरान 1619 कोरोना मरीज़ों की मौत हुई। इससे एक दिन पहले शनिवार को एक दिन में 2 लाख 61 हज़ार 500 केस आए थे और इस दौरान 1501 मौतें हुई थीं। यह लगातार पाँचवाँ दिन है जब कोरोना के केस दो लाख से ज़्यादा आए हैं। 

स्वास्थ्य विभाग ने आज जो आँकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ करोड़ से ज़्यादा हो गई है। कोरोना से मरने वालों की संख्या भी 1 लाख 78 हज़ार से ज़्यादा हो गई है। 1 करोड़ 29 लाख से ज़्यादा मरीज़ ठीक हो गए हैं। देश में फ़िलहाल 19 लाख 29 हज़ार से ज़्यादा सक्रिए मामले हो गए हैं।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें