loader

कोरोना: भारत में मरीजों की संख्या बढ़कर 724 पहुँची, 17 की मौत

कोरोना वायरस कोरोना वायरस पॉजिटिव मामले में अब काफ़ी ज़्यादा आने लगे हैं और यह संख्या अब 700 के पार हो गई है। इसके साथ ही देश में यह संख्या बढ़कर 724 हो गई है। इससे पहले गुरुवार को 88 नये मामले आए थे। इसमें 47 विदेशी शामिल हैं जो भारत घूमने आए थे। देश में अब तक 66 लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं और उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। अब तक 17 लोगों की इस वायरस से मौत हो गई है। 

सरकार ने हाल के दिनों में सख़्त क़दम उठाए हैं लेकिन लगता है इसका असर अब तक दिखना शुरू नहीं हुआ है। 24 मार्च को लॉकडाउन के बाद से हर रोज़ 50 से ज़्यादा ही मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में तो क़रीब पौने दो सौ मामले बढ़े हैं। 

ताज़ा ख़बरें

हालाँकि माना जा रहा है कि इस लॉकडाउन का असर बाद में होगा क्योंकि इससे वायरस फैलने के उस कड़ी को तोड़ा जा सकेगा जिससे यह फैलता है। ट्रेन, बस, हवाई सेवाओं को बंद करने, ज़रूरी सेवाओं को छोड़कर बाक़ी सभी प्रतिष्ठान बंद करने, लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगाने और उनके घरों में रहने से वायरस एक से दूसरे लोगों में नहीं फैलेगा। हालाँकि यह उपाय भी अभी तक इटली, स्पेन, जर्मनी, फ़्रांस, अमेरिका जैसे देशों में उतना कारगर साबित नहीं हुआ है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कहा है कि सिर्फ़ लॉकडाउन से इस वायरस को ख़त्म नहीं किया जा सकता है। इसे ख़त्म करने के लिए आक्रामक उपाए उठाने होंगे। डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधानोम ने कहा कि ऐसे मामलों को ढूँढना, अलग-थलग करना, जाँच करना और इसका निशान पता करना ही सबसे बढ़िया और सबसे तेज़ तरीक़ा है। न सिर्फ़ बेहद सामाजिक आर्थिक पाबंदियों से बचने के लिए, बल्कि इसे फैलने से रोकने के लिए भी। 

देश से और ख़बरें
बता दें कि दुनिया भर में कोरोना का वायरस तेज़ी से फैल रहा है और अब तक 5 लाख 31 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं। 24 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अब सबसे ज़्यादा मामले अमेरिका में हो गए हैं। चीन में जहाँ क़रीब 81 हज़ार पॉजिटिव केस आए वहीं अमेरिका में 85 हज़ार से भी ज़्यादा केस सामने आ चुके हैं। इटली में क़रीब 80 हज़ार केस आए हैं। सबसे ज़्यादा मौत इटली में ही हुई है और संख्या 8200 से भी ज़्यादा हो गई है। स्पेन में 57 हज़ार और जर्मनी में 43 हज़ार से ज़्यादा मामले सामने आए हैं। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें