loader

खुर्शीद से असहमत आज़ाद, कहा, आईएस व हिन्दुत्व की तुलना ग़लत

देश की मौजूदा स्थिति और हिन्दुत्व की आतंकवादी संगठनों से तुलना  को रेखांकित करती हुई कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्याः नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ पर विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के ही लोग खुर्शीद की लिखी कुछ बातों से सहमत नहीं है।पूर्व केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने हिन्दुत्व की तुलना इसलामिक स्टेट से किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने गुरुवार को कहा, 

हम एक राजनीतिक सिद्धान्त के रूप में हिन्दुत्व से असहमत हो सकते हैं, लेकिन आईएसआईएस या जिहादी इसलाम से इसकी तुलना करना तथ्यात्मक रूप से ग़लत है और चीजों को बढ़ा चढ़ा कर कहने के समान है।


ग़ुलाम नबी आज़ाद, नेता, कांग्रेस पार्टी

क्या कहना है खुर्शीद का?

ख़ुर्शीद ने न्यूज़ 18 से इस बारे में कहा कि उन्होंने हिंदू और सनातन धर्म की तारीफ़ की है। लेकिन बीजेपी और संघ ने जिस तरह धर्म को ट्विस्ट दे दिया है उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "क्या किसी को उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा और असम में जो कुछ हो रहा है, उसे देखकर शांत रहना चाहिए, इस तरह का नया भारत बनाया जा रहा है।" 

खुर्शीद की किताब के दिल्ली में विमोचन के कार्यक्रम में दो और कांग्रेसी नेता मौजूद थे– पी. चिदम्बरम और दिग्विजय सिंह।

ख़ास ख़बरें
दोनों नेताओं की छवि हिन्दू विरोधी जैसी रही है। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर टिप्पणी करते हुए चिदम्बरम ने कहा कि जिस तरह जेसिका लाल को किसी ने नहीं मारा, उसी तरह बाबरी मसजिद को भी किसी ने नहीं तोड़ा।

हिन्दुत्व बनाम इसलामी जिहाद

ख़ुर्शीद के बोको हराम और आईएस से हिंदुत्व की तुलना करने पर बीजेपी ने उन्हें निशाने पर लिया है। बीजेपी की आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा है कि ख़ुर्शीद से और क्या उम्मीद की जा सकती है क्योंकि वे ऐसी पार्टी से ताल्लुक रखते हैं जिसने मुसलिम वोट हासिल करने के लिए भगवा आतंकवाद का शब्द गढ़ा। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी सलमान ख़ुर्शीद पर हमला बोला है। 

लेकिन पूर्व विदेश मंत्री ख़ुर्शीद का कहना है कि जो लोग हिंदू धर्म या इसलाम को नहीं जानते हैं, वे लोग ही उनकी किताब पर इस तरह की टिप्पणियां कर सकते हैं। 

ख़ुर्शीद के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई गई है। दिल्ली के वकील विवेक गर्ग ने दिल्ली पुलिस से अपील है कि वह कांग्रेस नेता के ख़िलाफ़ हिंदुत्व को बदनाम करने और इसकी तुलना आतंकवाद से करने पर एफ़आईआर दर्ज करे।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें