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सूना पड़ा दिल्ली का आईटीओ चौराहा।

कोरोना: दिल्ली के सभी जिले, यूपी के 19 और महाराष्ट्र के 14 जिले रेड ज़ोन में

3 मई को ख़त्म होने वाले लॉकडाउन पार्ट टू से पहले केंद्र सरकार ने देश भर में जिलों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन में बांट दिया है। जिलों की सूची के मुताबिक़, 130 जिलों को रेड ज़ोन, 284 को ऑरेंज ज़ोन और 319 जिलों को ग्रीन ज़ोन में रखा गया है। 

राज्य सरकारों और वहां के मुख्य सचिवों से बातचीत के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फ़ैसला लिया है कि सभी मेट्रो शहरों यानी जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता को रेड ज़ोन में रखा जाएगा। इसके अलावा हैदराबाद, बेंगलुरू और अहमदाबाद को भी रेड ज़ोन में रखा गया है। 

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ऐसे जिले जहां अब तक कोरोना संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है या पिछले 21 दिनों से कोई नया मामला नहीं आया है, उन्हें ग्रीन ज़ोन में रखा गया है। ऑरेंज ज़ोन वे जिले हैं, जहां पिछले 14 दिनों से संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। रेड ज़ोन या कंटेनमेंट ज़ोन वे इलाक़े हैं, जहां से कोरोना के बहुत ज़्यादा मामले सामने आए हैं। 

दिल्ली के सभी 11 जिलों को रेड ज़ोन में रखा गया है जबकि महाराष्ट्र में 14 जिले रेड ज़ोन में हैं। महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले 10 हज़ार से ज़्यादा हो गए हैं। इसमें मुंबई में हालात बेहद ख़राब हैं और यहां संक्रमण के मामलों का आंकड़ा 7 हज़ार पार कर चुका है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 19, तमिलनाडु में 12, पश्चिम बंगाल में 10, गुजरात और मध्य प्रदेश में 9-9 जिले और राजस्थान में 8 जिलों को रेड ज़ोन में रखा गया है। इसी तरह बिहार के 20 जिले, उत्तर प्रदेश के 36 जिले, पंजाब के 15, महाराष्ट्र के 16 जिले ऑरेंज ज़ोन की कैटेगरी में हैं। 

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर, लखनऊ, कानपुर, आगरा, सहारनपुर, मेरठ, रायबरेली और अलीगढ़ व अन्य जिले रेड ज़ोन में हैं। असम देश का अकेला ऐसा राज्य है, जहां सबसे ज़्यादा जिले ग्रीन ज़ोन में हैं। इनकी संख्या 30 है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अन्य कई राज्यों में भी कई जिले ग्रीन ज़ोन में हैं। 

दिल्ली में संक्रमण का ख़तरा इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि इससे सटा हुआ एक शहर गुरुग्राम ऑरेंज ज़ोन में है जबकि दूसरा शहर फ़रीदाबाद रेड ज़ोन में है और पूरी दिल्ली ख़ुद ही रेड ज़ोन में है।

देश भर में संक्रमण के मामले 35 हज़ार से ज़्यादा हो चुके हैं और 1147 लोगों की मौत हो चुकी है। 

महाराष्ट्र के बाद गुजरात में संक्रमण के मामले सबसे ज़्यादा हैं। यहां 4300 से ज़्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हैं। इसके बाद दिल्ली का नंबर है, जहां अब तक 3,515 लोग इस जानलेवा वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। मध्य प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 2,625 हो गया है।

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27 अप्रैल को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई बातचीत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि लॉकडाउन से बाहर निकलने के लिए पॉलिसी बनाए जाने की ज़रूरत है। इस दौरान कुछ मुख्यमंत्रियों ने उनके राज्यों में कोरोना वायरस से मुक्त जिलों में प्रतिबंधों में ढील दिए जाने की मांग रखी थी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को चालू किया जा सके। 
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क़मर वहीद नक़वी

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