loader

जाने-माने धावक मिल्खा सिंह का निधन 

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर धावक मिल्खा सिंह का निधन हो गया है। शुक्रवार रात को उन्होंने चंडीगढ़ पीजीआई में अंतिम सांस ली। 91 साल के मिल्खा सिंह पिछले महीने कोरोना से संक्रमित हुए थे। पांच दिन पहले ही उनकी पत्नी निर्मल कौर ने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। निर्मल कौर को भी कोरोना हुआ था। 

मिल्खा सिंह की तीन बेटियां और एक बेटा है। दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले मिल्खा सिंह के दुनिया से चले जाने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित तमाम आला शख़्सियतों ने दुख जताया है।  

ताज़ा ख़बरें
राष्ट्रपति ने ट्वीट किया है कि मिल्खा सिंह के जाने से उन्हें बहुत बड़ा धक्का लगा है। उनका संघर्ष और जीवन भारत की कई पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। मोदी ने लिखा कि मिल्खा सिंह के जाने से हमने एक नामी खिलाड़ी खो दिया है। प्रधानमंत्री ने कुछ दिन पहले ही मिल्खा सिंह से बात की थी। 

मिल्खा सिंह ने चार बार एशियन गेम्स में और 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें उनकी 1960 में रोम में 400 मीटर की दौड़ में शानदार प्रदर्शन के लिए जाना जाता था। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक खेलों में देश की नुमाइंदगी की थी और 1959 में उन्हें पद्म श्री के ख़िताब से नवाज़ा गया था। 
देश से और ख़बरें

बॉलीवुड ने जताया दुख 

बॉलीवुड की नामी हस्तियों ने भी मिल्खा सिंह के निधन पर दुख का इजहार किया है। फ़िल्म अभिनेता शाहरूख़ ख़ान ने ट्वीट कर कहा कि भले ही फ्लाइंग सिख इस दुनिया से चले गए हों लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी। प्रियंका चोपड़ा ने लिखा है कि वह मिल्खा सिंह के द्वारा देश के लिए दिए गए योगदान से प्रभावित रहीं। 

तापसी पन्नू, अक्षय कुमार, सनी देओल सहित कई और बॉलीवुड हस्तियों ने उनके दुनिया से जाने पर शोक जताया है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें