loader

सिंदूर, मंगलसूत्र पर नुसरत ने कट्टरपंथियों को दिया मुँहतोड़ जवाब

सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र पहनने को लेकर कट्टरपंथियों के निशाने पर आईं तृणमूल कांग्रेस की सांसद नुसरत जहाँ ने उन्हें मुँहतोड़ जवाब दिया है। बता दें कि इन दिनों नुसरत जहाँ सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर छाई हुई हैं। उनका संसद में शपथ लेने का वीडियो काफ़ी वायरल हो रहा है। इसमें नुसरत ने माथे पर सिंदूर लगाया हुआ है और मंगलसूत्र भी पहना है। शपथ के अंत में वह स्पीकर के पैर भी छूती हैं।
नुसरत का सिंदूर लगाना और मंगलसूत्र पहनना कट्टरपंथियों को काफ़ी अखर गया। उनके मुताबिक़, माथे पर सिंदूर लगाना और मंगलसूत्र पहनना पूरी तरह ग़ैर-इस्लामिक है।
उत्तर प्रदेश के देवबंद में स्थित जामिया-शेख़-उल-हिंद मदरसे के मुख्य मौलवी मुफ़्ती असद क़ाज़मी का कहना है कि वह इस तरह की शादी को मान्यता नहीं देते हैं। क़ाज़मी ने कहा, ‘एक अभिनेत्री होने के नाते नुसरत ऐसे कई काम करती रही हैं, जो इस्लामिक क़ानून की नज़र में सही नहीं हैं लेकिन ये ऐक्टर्स जो करना चाहते हैं वह करते ही हैं। ऐसे में इन मुद्दों पर बात करने का कोई मतलब नहीं है। लेकिन अब उन्होंने एक ग़ैर मुसलिम से शादी की है और वह माथे पर सिंदूर लगाकर और गले में मंगलसूत्र पहनकर संसद में पहुँची हैं।’ 
क़ाज़मी ने आगे कहा कि एक मुसलिम को सिर्फ़ मुसलिम से ही शादी करनी चाहिए। हम ऐसी शादियों को मान्यता नहीं देते हैं। बता दें कि हाल ही में नुसरत ने निखिल जैन से तुर्की में शादी की है।
क़ाज़मी की बातों का नुसरत ने मुँहतोड़ जवाब दिया है। नुसरत ने कहा, ‘मैंने अपने बारे में दिए गए किसी भी फतवे के बारे में नहीं सुना है। हम विकास की राह में आगे बढ़ रहे भारत के नागरिक हैं, जहाँ सभी परंपराओं और संस्कृतियों का सम्मान होना ज़रूरी है। भगवान के नाम पर क्यों लोगों को बाँटा जा रहा है। हाँ, मैं एक मुसलिम हूँ और सेक्युलर भारत की नागरिक भी हूँ। मेरा धर्म मुझे भगवान के नाम पर लोगों को बाँटना नहीं सिखाता है।’

नुसरत ने यह भी कहा कि किसी को भी किसी दूसरे को यह नहीं सिखाना चाहिए कि उसे कैसे कपड़े पहनने हैं। बसीरहाट की सांसद चुनी गई नुसरत ने कहा, ‘मुझे बंगाली में बोलना और माथे पर सिंदूर लगाना अच्छा लगता है। मैं वहीं करुँगी जो मेरा दिल कहेगा। मैं इस बात की परवाह नहीं करती कि कोई धर्म के नाम पर क्या बोलता है। यह मेरी जिंदगी है और मुझे इस बात का पूरा अधिकार है कि मैं कैसे जीना चाहती हूँ। मैं पढ़ी-लिखी हूँ और नए जमाने की भारतीय महिला को कैसे आगे बढ़ना है, अच्छे से जानती हूँ।’

बहरहाल, नुसरत ने जवाब देकर उन लोगों के मुँह बंद कर दिए हैं जो उन्हें सिंदूर और मंगलसूत्र पहनने को लेकर लगातार ट्रोल कर रहे थे। वे लोग इसे ग़ैर इस्लामिक बताते हुए सोशल मीडिया पर लगातार फब्तियाँ कस रहे थे। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें