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मुंबई में समुद्र किनारे की एक सड़क।फ़ोटो साभार: ट्विटर/पारस छाबड़ा आर्मी

कोरोना पर 'जनता कर्फ्यू' के रूप में पूरे भारत में पहली बार 14 घंटे का लॉकडाउन

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए जिस तरह से दुनिया भर के प्रभावित देश लॉकडाउन कर रहे हैं यानी पूरे देश को बंद कर रहे हैं वैसा ही लॉकडाउन रविवार को भारत में है। यह लॉकडाउन 'जनता कर्फ्यू' के रूप में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में 'जनता कर्फ्यू' की बात कही और हो गया भारत बंद का रास्ता साफ़। प्रधानमंत्री की अपील पर रविवार सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक 'जनता कर्फ्यू' है। 'जनता कर्फ्यू' का मतलब है कि जनता का ख़ुद से ही यह फैसला करना कि वे बाहर नहीं निकलेंगे और कर्फ्यू जैसी स्थिति पैदा कर देंगे। लोगों के घर पर ही रहने से संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस दौरान ज़रूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मेडिकल जैसी ज़रूरी सेवाएँ ही जारी रहेंगी, बाक़ी सारे प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

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बंद का असर होटल, मॉल से लेकर दुकानों और यातायात पर भी पड़ेगा। देश भर में मेट्रो सेवाएँ पूरी तरह बंद रहेंगी। भारतीय रेलवे ने कहा है कि शनिवार मध्‍य रात्रि से रविवार रात 10 बजे तक कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं चलेगी। रविवार सुबह 4 बजे से मेल/एक्‍सप्रेस ट्रेनें भी बंद रहेंगी। इसके अलावा 700 से ज़्यादा ट्रेनें पहले से ही रद्द हैं। लोकल ट्रेनें कम से कम चलाई जाएँगी। विमान की उड़ानें भी कम कर दी गई हैं। सरकारी बसें भी नहीं चलेंगी। कई राज्यों में पेट्रोल पंप बंद रखने की घोषणा की गई है। कैब मिलने में भी दिक्कत आ सकती है। कई राज्यों में होटल भी बंद रखने की घोषणा की गई है।
'जनता कर्फ्यू' का समय शुरू होने से कुछ मिनट पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'जनता कर्फ्यू शुरू हो रहा है... मेरी विनती है कि सभी नागरिक इस देशव्यापी अभियान का हिस्सा बनें और कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई को सफल बनाएँ। हमारा संयम और संकल्प इस महामारी को परास्त करके रहेगा।'
इससे दो दिन पहले 'जनता कर्फ्यू' की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने देश के नाम अपने संबोधन में यह भी कहा था, 'हम सबको शाम 5 बजे पाँच मिनट तक उन लोगों के प्रति आभार प्रकट करना है जो इस भीषण महामारी का मुक़ाबला करने के लिए अपनी ड्यूटी पर डटे हैं।' इसको लेकर शनिवार को सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो पोस्ट किए गए जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने रविवार के लिए रिहर्सल की है। 

बता दें कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए स्कूल-कॉलेज, मॉल, बार जैसे प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए हैं। आंशिक रूप से ट्रेन और बस सेवाएँ भी रद्द की गई हैं। सभी परीक्षाएँ भी टाल दी गई हैं। बाहर भीड़ कम करने के लिए सरकारी और निजी कार्यालयों में कहा गया है कि वे अपने घर से काम करें।

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कोरोना को फैलने से रोकने के लिए ऐसे क़दम इसलिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि अब तक भारत में भी यह काफ़ी ज़्यादा फैल चुका है। अब तक 315 पॉजिटिव मामले आ चुके हैं। इसमें से चार लोगों की मौत हो चुकी है। 22 लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। 

दुनिया भर में तो 3 लाख से ज़्यादा पॉजिटिव केस आ चुके हैं और 13 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौतें हो चुकी हैं। दुनिया भर में इससे 95 हज़ार से ज़्यादा लोग ठीक भी हो चुके हैं। सबसे ज़्यादा मौतें इटली में हुई हैं और मरने वालों की संख्या 4800 से ज़्यादा हो गई है।

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क़मर वहीद नक़वी

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