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विराट कोहली के रेस्तरां पर समलैंगिकों से भेदभाव का आरोप

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के रेस्तरां पर समलैंगिकों से भेदभाव का आरोप लगा है। हालांकि रेस्तरां के प्रबंधन की ओर से इससे इनकार किया गया है। विराट के ये रेस्तरां कई शहरों में हैं और One8 Commune के नाम से चलते हैं। 

LGBTQIA+ समुदाय ने 'YesWeExistIndia' नाम से इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट में रेस्तरां की चेन के पुणे आउटलेट पर आरोप लगाया है कि वह केवल अलग-अलग लिंग वाले जोड़े को ही रेस्तरां में आने की अनुमति देता है और गे समुदाय के लोगों के लिए रेस्तरां में आने के जो नियम हैं, वे भेदभाव करने वाले हैं। 

LGBTQIA+ समुदाय की ओर से इस पोस्ट में कहा गया था कि उन्होंने जब रेस्तरां से इसकी शिकायत की तो जवाब दिया गया कि गे कपल या किसी गे को रेस्तरां में आने की इजाजत नहीं है। इस आरोप को लेकर विराट कोहली की कंपनी की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। 

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लेकिन One8 Commune ने सफाई जारी करते हुए कहा है कि वह जेंडर से हटकर सभी का स्वागत करता है। यह भी कहा गया है कि उसके रेस्तरां के नियम इंडस्ट्री के नियमों के मुताबिक़ ही हैं। 

One8 Commune ने कहा है कि वे स्टैग एंट्री पॉलिसी को फ़ॉलो करते हैं जिससे रेस्तरां में आने वालों के लिए बेहतर माहौल बन सके। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हमारी कंपनी के नियम किसी भी समुदाय के ख़िलाफ़ हैं। स्टैग का मतलब होता है अकेला लड़का। 

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LGBTQIA+ समुदाय के हक़ों की हिफ़ाजत के संदर्भ में मद्रास हाई कोर्ट ने इस साल जून में कई अहम टिप्पणियां की थीं। कोर्ट ने कहा था कि ऐसे डॉक्टर्स जो इस बात का दावा करते हों कि वे समलैंगिकता का इलाज करते हैं, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाने चाहिए। जस्टिस वेंकटेश ने कहा था कि शिक्षाविदों को अभिभावकों से मिलकर उन्हें LGBTQIA+ समुदाय से जुड़े मुद्दों के बारे में समझाना चाहिए। 

केंद्र सरकार ने सितंबर, 2020 में समान लिंग में शादी की मंजूरी देने से इनकार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट से कहा था कि 'समान लिंग में शादी हमारी सभ्यता के ख़िलाफ़ है।' लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने केन्द्र सरकार से कहा था कि दुनिया बदल रही है और सरकार को खुले दिमाग से इस बात पर विचार करना चाहिए। 

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क़मर वहीद नक़वी

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