loader

मालवीय के बाद विवेक अग्निहोत्री के वीडियो को ट्विटर ने बताया फ़ेक 

सोशल मीडिया पर दक्षिणपंथी विचारधारा को फ़ॉलो करने वाले कई लोग ऐसे हैं, जो आए दिन फ़ेक कंटेट वाले वीडियोज़ को शेयर करते रहते हैं। किसान आंदोलन के दौरान हो या कई और मौक़ों पर ऐसे लोगों को सोशल मीडिया पर जबरदस्त आलोचना का सामना करना पड़ा है। लेकिन ये लोग अगले ही पल से फिर उसी काम में जुट जाते हैं। मतलब कि कोई भी ऐसा वीडियो शेयर करने में, जो इनके एजेंडे से मिलता-जुलता हो। 

कुछ दिन पहले ही बीजेपी की सोशल मीडिया टीम के हेड अमित मालवीय के एक ट्वीट को ट्विटर ने 'मैनिप्युलेटेड मीडिया' लिखा था। इसका मतलब कि आपने जो वीडियो शेयर किया है, उसके कंटेंट से छेड़छाड़ की गई है। आसान भाषा में कहें तो आपने फर्जी वीडियो शेयर किया है। लेकिन मालवीय के तुरंत बाद फ़िल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के साथ भी ऐसा ही हुआ है। 

ताज़ा ख़बरें

विवेक अग्निहोत्री ने अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव जीतने वाले जो बाइडेन का एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में जो बाइडेन को एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सोते हुए दिखाया गया। अग्निहोत्री ने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा कि बाइडेन को भारत के न्यूज़ चैनलों की डिबेट में आना चाहिए, फिर वो पूरी जिंदगी भर जगते रहेंगे। इस वीडियो में दिखाया गया कि न्यूज़ एंकर बाइडेन से कह रही हैं कि वे जग जाएं। यह स्टोरी 'द क्विंट' से साभार ली गई है। 

Vivek Agnihotri shared joe biden video  - Satya Hindi
विवेक अग्निहोत्री ने 31 अगस्त, 2020 को यह वीडियो शेयर किया था। द क्विंट के मुताबिक़, उसके बाद ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा। एक फ़ेसबुक यूजर ने भी इसे शेयर किया। 

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पड़ताल में पता चला है कि यह वीडियो अलग-अलग वीडियोज़ की कुछ क्लिप्स को जोड़कर बनाया गया और बाइडेन के सोने की बात पूरी तरह ग़लत थी। जो इसका ओरिजनल वीडियो है, उसमें सिंगर हैरी बेलाफ़ोंटे थे न कि जो बाइडेन। लेकिन सोशल मीडिया पर हर दिन कोई न कोई करामात दिखाने के माहिर लोगों ने हैरी की जगह बाइडेन को दिखा दिया। 

बाइडेन के अप्रैल, 2020 के एक वीडियो को एडिट करके हैरी के वीडियो के साथ मिला दिया गया। हैरी एक इंटरव्यू के दौरान सो रहे थे। जबकि एक दूसरे वीडियो में बाइडेन हिलेरी क्लिंटन के साथ बातचीत के दौरान नीचे की ओर देख रहे थे। बड़े शातिर तरीके से दोनों वीडियो का घालमेल करके यह दिखाया गया कि बाइडेन सोते हुए पकड़े गए। 
यहां याद दिलाना ज़रूरी होगा कि अमेरिका में चुनाव प्रचार के दौरान भारत में दक्षिणपंथी तबक़े ने ट्रंप के समर्थन में सोशल मीडिया पर जबरदस्त माहौल बना दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो को ख़ूब शेयर किया जाता था, जिसमें वह अबकी बार ट्रंप सरकार का नारा लगाते हैं। विवेक अग्निहोत्री और उनके फ़ॉलोवर्स ने बाइडेन का फर्जी वीडियो शेयर कर जमकर मजाक उड़ाया। लेकिन अब जब चोरी पकड़ी गई तो ट्विटर ने कहा कि यह वीडियो डॉक्टर्ड था यानी इससे छेड़छाड़ की गई है। इसके बाद अग्निहोत्री ने वीडियो डिलीट कर दिया।  

किसान आंदोलन में भी यही हरक़त

इसी तरह की हरक़त खालिस्तान आंदोलन के दौरान भी की गई। बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सोशल मीडिया इंचार्ज प्रीति गांधी ने एक वीडियो ट्वीट किया। इस वीडियो में बताया गया कि एक शख़्स पाकिस्तान और खालिस्तान के समर्थन में नारेबाज़ी कर रहा है और उसके आसपास खड़े लोगों ने पाकिस्तान और खालिस्तान के झंडे पकड़े हुए हैं। अंत में यह शख़्स मोदी सरकार हाय-हाय के नारे लगाता सुनाई देता है। 

Vivek Agnihotri shared joe biden video  - Satya Hindi
गांधी ने पूछा कि क्या ये वास्तव में किसान हैं। जैसे ही पता चला कि इस वीडियो का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है, गांधी की अच्छी-खासी फजीहत हुई और उन्होंने इसे हटा लिया। 

सोशल मीडिया पर होने वाले फर्जीवाड़े का खुलासा करने के लिए पहचानी जाने वाली ऑल्ट न्यूज़ ने इस वीडियो की पड़ताल की तो पता चला कि ये वीडियो किसी पुराने वीडियो को एडिट करके बनाया गया है। 

लेकिन जैसा ऊपर लिखा गया है कि ये लोग आए दिन फर्जी वीडियोज़ को शेयर करते रहते हैं और पकड़े जाने के बाद फिर इसी काम में जुट जाते हैं। ऐसे में लगता यही है कि तुरंत ये लोग फिर कोई ऐसा वीडियो शेयर कर देंगे जो हक़ीक़त से कोसों दूर होगा और ऐसा करके और झूठ फैलाएंगे। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

देश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें