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केंद्र सरकार-जम्मू और कश्मीर के नेताओं के बीच अहम बैठक शुरू 

जम्मू और कश्मीर को लेकर नई दिल्ली में अहम बैठक शुरू हो गई है। बैठक प्रधानमंत्री के नई दिल्ली स्थित आवास पर हो रही है। केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग राजनीतिक दलों के 14 नेताओं को बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया था। उधर, प्रधानमंत्री के साथ होने वाली इस बैठक से एक दिन पहले ही कश्मीर के अंदर तीन आतंकी हमले हुए हैं। ये हमले शोपियां, पुलवामा और श्रीनगर शहर में हुए हैं। 

ये हैं बैठक में मौजूद 

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष फारूक़ अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेन्स के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला, पीडीपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद, कांग्रेस नेता तारा चंद, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता और निर्मल सिंह, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, पीपल्स कॉन्फ्रेन्स के अध्यक्ष सज्जाद लोन और नेता मुज़फ्फर हुसैन बेग, जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ़ बुखारी, वरिष्ठ सीपीएम नेता यूसुफ़ तारीगामी, जम्मू और कश्मीर पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह मौजूद हैं।  

जबकि दूसरी ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू और कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह भी बैठक में मौजूद हैं। 

इस बैठक से पहले जम्मू और कश्मीर के बीजेपी नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात की जबकि कांग्रेस के नेताओं की भी एक बैठक हुई। गृह मंत्री अमित शाह भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। 

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केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के साथ ही राज्य को दो भागों में बांट दिया था। इसके बाद राज्य के बड़े नेताओं फारूक़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती को लंबे वक़्त तक के लिए नज़रबंद कर दिया गया था। उसके बाद पहली बार इस तरह की सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। 
Jammu and Kashmir All party meeting with Modi  - Satya Hindi

माना जा रहा है कि मरकज़ी हुक़ूमत राज्य के भीतर विधानसभा के चुनाव कराना चाहती है और इस दिशा में चर्चा हो सकती है। हालांकि विधानसभा चुनाव कराने में वक़्त लगेगा क्योंकि राज्य में विधानसभा सीटों का परिसीमन होना है और इसे लेकर भी बैठक में बात हो सकती है। 

बुधवार को चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के 20 उपायुक्तों के साथ बैठक की है। ताज़ा हालात में जम्मू-कश्मीर में 107 सीटें हैं जिन्हें बढ़ाकर 114 तक किया जा सकता है। इसमें पाक अधिकृत कश्मीर की 24 सीटें भी शामिल हैं। 

कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा सहित सुरक्षा और ख़ुफ़िया विभाग के अफ़सरों के साथ बैठक की थी।

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गुपकार गठबंधन 

जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए राज्य के 5 राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर पीपल्स अलायंस फ़ॉर गुपकार डेक्लेरेशन या गुपकार गठबंधन को क़ायम किया है। इसमें शामिल दलों का कहना है कि 5 अगस्त, 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर की जो स्थिति थी, उसे फिर से बहाल करने के लिए यह गठबंधन संघर्ष कर रहा है। 

बीते साल दिसंबर में राज्य में डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट काउंसिल (डीडीसी) के चुनाव हुए थे और इसमें बीजेपी और गुपकार गठबंधन के बीच कड़ा मुक़ाबला देखने को मिला लेकिन अंतत: गुपकार गठबंधन आगे रहा था। 
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