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राजस्थान हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक नहीं, सोमवार को होगी सुनवाई 

राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजस्थान हाई कोर्ट में चल रही प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई जा सकती। अब इस मामले में सोमवार को अगली सुनवाई होगी। 

जस्टिस अरूण मिश्रा, जस्टिस बी.आर.गवई और जस्टिस कृष्णा मुरारी की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। स्पीकर ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। दूसरी ओर, पायलट के गुट ने भी अदालत में कैविएट दाख़िल की थी। 

सुनवाई के दौरान जस्टिस अरूण मिश्रा ने गहलोत की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा, ‘जनता के द्वारा चुना हुआ व्यक्ति क्या अपने अंसतोष को व्यक्त नहीं कर सकता? अंसुतष्ट लोगों की आवाज़ को नहीं दबाया जा सकता। लोकतंत्र में क्या किसी को इस तरह चुप कराया जा सकता है?’

कोर्ट ने पूछा कि किस आधार पर नोटिस भेज गया, इस पर सिब्बल की ओर से कहा गया कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण ऐसा किया गया। सिब्बल ने हाई कोर्ट के फ़ैसले पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया। 

हाई कोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि स्पीकर 24 जुलाई तक सचिन पायलट व बाग़ी विधायकों को लेकर कोई फ़ैसला न लें। पायलट और कांग्रेस के अन्य बाग़ी विधायकों ने स्पीकर द्वारा जारी नोटिस के ख़िलाफ़ जयपुर हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। 

स्पीकर जोशी ने बुधवार को जयपुर में प्रेस कॉन्फ़्रेन्स के दौरान कहा था कि राजस्थान संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा था और इसे टालने के लिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय का रूख़ किया है। 

स्पीकर के पास कारण बताओ नोटिस भेजने के पूरे अधिकार हैं। मैंने अपने वकीलों से कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दायर करें।


सीपी जोशी, विधानसभा स्पीकर, राजस्थान

स्पीकर जोशी ने आरोप लगाया कि बाग़ी विधायक नियमों के साथ खिलवाड़ कर रहे थे और इस वजह से राजस्थान में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता था।  

जोशी ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि विधानसभा स्पीकर के पद की गरिमा बनी रहेगी और यह व्यक्तिगत बात नहीं है। मैं आशा करता हूँ कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला इस मामले में एतिहासिक साबित होगा।’ मंगलवार शाम को स्पीकर जोशी ने सचिन पायलट समेत 19 बाग़ी विधायकों के मामले में सुनवाई की थी। 

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तैयारियों में जुटे गहलोत 

हाई कोर्ट के ऑर्डर के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आवास पर कैबिनेट की बैठक बुलाई थी और हालात को लेकर विचार-विमर्श किया था। उससे पहले गहलोत ने जयपुर के फ़ेयरमॉन्ट होटल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी और कांग्रेस की आगामी रणनीति को लेकर चर्चा की थी। बैठक में गहलोत के अलावा कांग्रेस नेता अजय माकन, राजस्थान कांग्रेस के नव-नियुक्त अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। 

इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान के बाग़ी विधायकों के ख़िलाफ़ अदालत में कड़ा रुख अपनाया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मशहूर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने राजस्थान हाई कोर्ट में स्पीकर की ओर से पैरवी करते हुए कहा था कि बाग़ी विधायक स्पीकर पर फ़िलहाल सवाल उठा ही नहीं सकते। 

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कथित ऑडियो टेप पर बवाल

इसके अलावा राजस्थान की सियासत में कथित ऑडियो टेप सामने आने के बाद बवाल मच गया है। गहलोत सरकार ने एक्शन में आते हुए कथित ऑडियो टेप को लेकर शेखावत व कांग्रेस के बाग़ी विधायक भंवर लाल शर्मा के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर ली थी। 

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बीते शुक्रवार को कहा था कि जो दो कथित ऑडियो टेप सामने आए हैं, इनमें गजेंद्र सिंह शेखावत, भंवर लाल शर्मा और बीजेपी नेता संजय जैन के बीच बातचीत हो रही है। 

कांग्रेस का कहना है कि ऑडियो टेप में बातचीत के दौरान पैसे के लेन-देन को लेकर और गहलोत सरकार को गिराने की साज़िश रची जा रही है। कांग्रेस के आरोप पर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा था कि वह किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हैं और इन ऑडियो टेप में उनकी आवाज़ नहीं है। 

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क़मर वहीद नक़वी

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