loader

ग़ाज़ियाबाद में पत्रकार को गोली मारी, सीसीटीवी फ़ुटेज मिला, 5 गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के क़ानून व्यवस्था की स्थिति का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि ग़ाज़ियाबाद में एक पत्रकार को उनके बच्चों के सामने पीटा गया और गोली मार दी गई। 

पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि 5 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि हमलावर पत्रकार विक्रम जोशी के परिवार को जानते थे। जोशी के सिर पर में गोलियाँ लगीं, वह एक निजी अस्पताल में गंभीर स्थिति में भर्ती हैं। 

उत्तर प्रदेश से और खबरें

पत्रकार को पीटा, गोली मारी

इस पूरे कांड का सीसीटीवी फ़ुटेज देखने से साफ़ पता चलता है कि हमलावरों ने सोमवार की रात 10.30 बजे ग़ाज़ियाबाद के विजय नगर इलाक़े में मोटर साइकिल पर जा रहे पत्रकार को रोका।

जोशी अपनी दो बेटियों के साथ जा रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि मोटरसाइकिल मुड़ कर गिरती है, कुछ लोग उसे घेर कर खड़े हो जाते हैं, वे यकायक पत्रकार को पीटने लगते हैं। दोनों बच्चियाँ भाग कर दूर चली जाती हैं। 

फ़ुटेज में देखा जा सकता है कि हमलावर पत्रकार को घेर कर एक गाड़ी के पास ले जाते हैं, उन्हें मारते हैं और भाग जाते हैं। गोली चलना साफ़ नहीं दिखता है। 

सीसीटीवी फ़ुटेज में दिखता है कि दोनों बच्चियाँ रो रही हैं, चिल्ला रही हैं, लोगों से मदद माँग रही हैं। 

मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार

पुलिस ने कहा है कि जिन 5 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, उनमें मुख्य अभियुक्त भी शामिल है, जिसने गोलियाँ चलाई थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कलानिधि नैथानी ने एनडीटीवी से कहा,

'विजय नगर में एक पत्रकार को गोली मारने के मामले में 5 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। जोशी के भाई ने हमें बताया कि वह बहन के घर से लौट रहे थे, जब उन पर हमला हुआ।'


कलानिधि नैथानी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, ग़ाज़ियाबाद

पुलिस का कहना है कि कुछ दिन पहले जोशी ने यह शिकायत की थी कि उनकी भतीजी को परेशान किया जा रहा है। मुमकिन है कि यह वारदात उससे किसी रूप में जुड़ा हुआ हो। 

बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में इस तरह के हमलों की वारदात बढ़ गई है। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा ह कि पुलिस इन घटनाओं पर रोक लगाने में नाकाम है। यह वही उत्तर प्रदेश पुलिस है, जिसने लॉकडाउन को बड़े ही सख़्ती से लागू कराया था। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें