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पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष नहीं लड़ेंगे चुनाव

पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। राज्य बीजेपी ने गुरुवार को 148 उम्मीदवारों की सूची जारी की है, उसमें उनका नाम नहीं है। बीजेपी के चुनाव जीतने की स्थिति में दिलीप घोष को मुख्यमंत्री पद का बड़ा दावेदार माना जा रहा था। लेकिन उम्मीदवारों की दूसरी सूची में भी उनका नाम नहीं होने से लोगों का चौंकना स्वाभाविक है। 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के पहले टिकट बँटवारे को लेकर बीजेपी में घमासान मचा हुआ है और पिछले दिनों नाराज़ कार्यकर्ताओं व असंतुष्ट स्थानीय नेताओं ने दफ़्तर में शोर-शराबा किया था। लेकिन गुरुवार को जारी दूसरी सूची पर ताज्जुब इस बात पर हो रहा है कि इसमें पाँच सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाने का ऐलान तो किया गया है, पर मुख्यमंत्री पद का दावेदार रहे दिलीप घोष का नाम नहीं है। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले यह भी कहा है कि दिलीप घोष इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। 

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मुकुल राय मैदान में

दूसरी सूची में पाँचवें, छठे, सातवें और आठवें चरण के लिए नाम घोषित किए गए हैं।

बीजेपी के उम्मीदवारों की सूची में मुकुल राय का नाम है जो कृष्णनगर से चुनाव लड़ेंगे। याद दिला दें कि मुकुल राय का नाम सारदा चिटफंड घोटाले में आया था और 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से कहा था कि ऐसे लोगों को जेल भेजा जाएगा। वे उस समय तृणमूल कांग्रेस में थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद निकट के लोगों में थे। बाद में मुकुल राय जेल गए भी थे, पर ज़मानत पर छूटने के बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए। बीजेपी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है। 

इसके अलावा राणाघाट के सांसद जगन्नाथ सरकार को शांतिपुर विधानसभा सीट पर मैदान में उतारा गया है।

पश्चिम बंगाल बीजेपी के पुराने नेता राहुल सिन्हा हाबड़ा से चुनाव लड़ेंगे। 

लोक कलाकार असीम सरकार हरिणघाटा से चुनाव मैदान में हैं जबकि वैज्ञानिक गोबरधन दास को पूर्वस्थली उत्तर से तक़दीर आज़माने को कहा गया है। 

west bengal BJP chief dilip ghosh not in west bengal assembly election 2021 fray - Satya Hindi

बीजेपी के 8 मुसलमान उम्मीदवार

बीजेपी ने अब तक कुल आठ मुसलमानों को टिकट दिए हैं। चोपड़ा से मुहम्मद शाहीन अख़्तर, गोलपोखर से ग़ुलाम सरवर, हरिश्चचंद्रपुर से मुहम्मद अतीउर रहमान, सागरदिघी से माफ़ूजा़ ख़ातून, भागवान गोला से मुहम्मद महबूब आलम, रानीनगर से मसुहारा ख़ातून और सुजापूर से एस. के. ज़ियादुद्दीन को पश्चिम बंगाल बीजेपी ने मैदान में उतारा है। 

पूर्व कांग्रेस नेता सोमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा बीजेपी में शामिल हो गई हैं। उन्हें कोलकाता के चौरंगी से टिकट दिया गया है। फ़ुटबॉल खिलाड़ी कल्याण चौबे कोलकाता के मानिकतला से चुनाव लड़ेंगे। 

भवानीपुर से अभिनेता रुद्रनील 

दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर से बीजेपी ने अभिनेता रुद्रनील घोष को मैदान में उतारा है। यह सीट बेहद अहम इसलिए है कि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पारंपरिक सीट है। वे इस बार मेदिनीपुर के नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं। 

टीएमसी ने ममता बनर्जी के नज़दीकी रहे शोभनदेव चट्टोपाध्याय को भवानीपुर से मैदान में उतारा है। भवानीपुर 

सीट को इस बार तृणमूल कांग्रेस के लिए बहुत सुरक्षित नहीं माना जाता है। 

बीजेपी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी को पहली बार चौंकाया था, जब उनके विधानसभा क्षेत्र से उसने 176 वोटों की बढ़त ले ली थी।

हालांकि लोकसभा चुनाव का वोटिंग पैटर्न विधानसभा चुनावों से अलग होता है, पर यदि हम लोकसभा चुनाव 2019 को भी जोड़ लें तो साफ है कि बीजेपी की मौजूदगी बढ़ी है। 2016 के विधानसभा चुनाव में भले ही नेताजी के नाम पर मिले हों लेकिन उसे 26 हज़ार से ज्यादा वोट मिले जो कुल पड़े वोटों के 19 प्रतिशत से थोड़ा ज़्यादा है। बीजेपी के बढ़ते पदचाप को साफ सुना जा सकता है।

अमित शाह पर किताब लिखने वाले को टिकट

श्यामाप्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन से जुड़े और अमित शाह पर किताब लिखने वाले अनिर्बान गांगुली को बोलपुर से चुनाव लड़ाया जाएगा।

रमानंद सागर के मशहूर धारावाहिक 'रामायण' में राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल बीजेपी में शामिल हो गए हैं। वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, पर बीजेपी के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा है कि जय श्री राम के नारे पर ममता बनर्जी के नाराज़ होने की वजह से उन्होंने बीजेपी में शामिल होने का फ़ैसला किया है। वे पश्चिम बंगाल में बीजेपी का प्रचार कर सकते हैं। 

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