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ओमिक्रॉन: बुकिंग रद्द करवा रहे लोग, पर्यटन व्यवसाय पर फिर मार पड़ने का डर

कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के बाद नया ख़तरा ओमिक्रॉन के रूप में सामने आय़ा है। इसे काफी तेज़ी से फैलने वाला बताया जा रहा है। इसकी आहट से ही भारत में पर्यटन व्यवसाय पर असर होने लगा है। 

टूर ऑपरेटर्स का कहना है कि ओमिक्रॉन के ख़तरे के चलते लोगों ने ट्रैवल एजेंसियों के जरिये की गई बुकिंग को रद्द करवाना शुरू कर दिया है। पिछले तीन दिनों में ही 20 फ़ीसदी बुकिंग रद्द हुई हैं। 

बीते साल भी लॉकडाउन के कारण पर्यटन व्यवसाय पर बुरी मार पड़ी थी और लंबे वक़्त तक शादियों, समारोहों का सिलसिला रुका रहा था। अब जब यह शुरू हो ही रहा था तो ओमिक्रॉन की दहशत ने इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशान कर दिया है। 

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दिसंबर में लोग जाड़े की छुट्टियां मनाने निकलते हैं, नए साल के साथ ही क्रिसमस के मौक़े पर होटल औऱ पर्यटन स्थल सैलानियों से गुलजार रहते हैं और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह अच्छा वक़्त होता है। लेकिन बीते साल भी कोरोना की मार पड़ी थी और इस साल भी ऐसा होने का अंदेशा है। 

उत्तराखंड में भी चिंता 

उत्तराखंड में भी पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग ओमिक्रॉन के आने से सहमे हुए हैं। यहां अल्मोड़ा से लेकर मसूरी और रानीखेत सहित कई जगहों पर होटल 90 फ़ीसदी तक बुक हो चुके हैं लेकिन होटल व्यवसायियों को डर है कि कोरोना के ख़तरे के कारण कहीं ये बुकिंग रद्द न हो जाएं। 

भारत में पर्यटन व्यवसाय से लाखों लोग जुड़े हुए हैं। उनकी आजीविका का यह एक मज़बूत सहारा है। ऐसे में ओमिक्रॉन की आहट के चलते उनका परेशान होना लाजिमी है।

पिछला साल भी उनके लिए बेहद ख़राब रहा है क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ज़्यादा लोग नहीं आ पाए। 

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भारत सरकार ने एयरपोर्ट्स पर तमाम तरह के नए नियम लागू कर दिए हैं और कोरोना के ख़तरे को देखते हुए बहुत सारे देशों से उड़ानों को रद्द करने का फ़ैसला भी सरकार ले सकती है। ऐसे में निश्चित रूप से बाहर के देशों से भारत घूमने आने का प्लान बना रहे लोगों के क़दम ठिठक जाएंगे।
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क़मर वहीद नक़वी

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