loader

गौतम अडानी बने एशिया के सबसे धनी व्यक्ति, मुकेश अंबानी को पछाड़ा

अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी एशिया के सबसे धनी व्यक्ति बन गए। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है। 

इन दोनों उद्योगपतियों की कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी शेयर बाज़ार में इनकी कंपनियों के शेयरों की कुल कीमत के आधार पर यह कहा जा सकता है। ब्लूमबर्ग के आँकड़ों के अनुसार, अडानी की कुल संपत्ति की कीमत 91 अरब डॉलर है जबकि अंबानी की जायदाद की कीमत 88.8 अरब डॉलर आँकी गई है। 

एक साल में गौतम अडानी की जायदाद की कीमत में 50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ जबकि अंबानी की संपत्ति सिर्फ 14.3 अरब डॉलर बढ़ी।  

ख़ास ख़बरें
बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की कीमत शेयर बाज़ार में 1.07 प्रतिशत कम होकर 2,360.70 रुपए थी। दूसरी ओर, अडानी इंटरप्राइज़ के शेयर की कीमत 2.94 प्रतिशत बढ़ कर 1757.70 रुपए और अडानी पोर्ट के शेयर की कीमत 4.87 प्रतिशत बढ़ कर 764.75 रुपए थी।

लेकिन ये तो सिर्फ शेयर बाज़ार के आँकड़े हैं। 

अडानी-अंबानी

वास्तव में अंबानी की जायदाद अडानी से बहुत ज़्यादा है। प्रबंध सलाह कंपनी के. आर. चोकसी इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक देवन के. चोकसी के अनुसार अंबानी की संपत्ति अडानी की संपत्ति की तीन गुणी है।

इस साल अडानी समूह का कर- पूर्व कारोबार 38,000 से 40,000 करोड़ रुपए है। लेकिन अंबानी समूह का कर-पूर्व कारोबार 1,15,000-1,20,000 करोड़ रुपए है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि शेयर बाज़ार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की कीमत सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरैमको के साथ साझेदारी खत्म होने के कारण हुई। इस साझेदारी के ख़त्म होने की वजह यह है  कि पहले रिलायंस ने अरैमको से पैसे लेकर अपने पुराने कर्ज़ चुकाने की योजना बनाई थी।
gautam adani pips mukesh ambani to be richest man of asia - Satya Hindi
लेकिन उसने जियो और रिटेल व्यापार की कंपनियों से 2,50,000 करोड़ रुपए उगाह लिए और उन पैसों से पुराने कर्ज चुका कर सऊदी अरैमको से साझेदारी तोड़ लिया। इससे शेयर बाज़ार को झटका लगा, लेकिन यह बात कंपनी के फ़ायदे में है। इससे उसका नेटवर्थ बढ़ा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहतर है। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।

अपनी राय बतायें

अर्थतंत्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें