loader

ई-मेल विवाद: ऋतिक को समन, कंगना को घेरने की कोशिश में ठाकरे सरकार?

फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत को ई-मेल भेजने के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन को समन भेजा है। ऋतिक को अपना बयान दर्ज कराने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट में पेश होने को कहा गया है।

क्या है मामला 

ऋतिक रोशन और कंगना रनौत के बीच ये विवाद 2016 का है जब कंगना ने एक इंटरव्यू में ऋतिक के ऊपर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। उसके बाद ऋतिक रोशन ने उन्हें लीगल नोटिस भेजा था। दरअसल, ऋतिक रोशन ने कंगना का लव अफेयर ठुकरा दिया था और उनसे टिप्पणी के लिए माफी मांगने को कहा था। लेकिन कंगना ने माफी मांगने से इनकार कर दिया था और ऋतिक को आपराधिक मामले के तहत साजिश करने के आरोप में नोटिस भेज दिया था। 

ताज़ा ख़बरें
साल 2016 में जब ऋतिक रोशन ने कंगना रनौत के अकाउंट से 100 से ज्यादा ई-मेल मिलने की शिकायत की थी तो कंगना रनौत ने दावा किया था कि जिस ई-मेल आईडी से ऋतिक को मेल मिले थे, दरअसल वो ई-मेल आईडी उन्हें ऋतिक ने ही दी थी और वे 2014 तक लगातार इसी ई-मेल आईडी से बातचीत कर रहे थे। 
बता दें कि कंगना रनौत ने कथित तौर पर ऋतिक रोशन पर यह आरोप लगाया था कि वह उनके साथ रिलेशनशिप में थे और उन्होंने शादी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दोनों के बीच काफी समय तक एक-दूसरे को कानूनी नोटिस भेजे गए थे।

ऋतिक ने दर्ज करवाया था केस

ऋतिक ने 5 साल पहले सेक्शन 419 और आईटी एक्ट के सेक्शन 66 (सी) और 66 (डी) के तहत अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया था। इसके बाद यह विवाद कई महीनों तक सुर्खियों में रहा था। दोनों ने एक-दूसरे को कई लीगल नोटिस भी भेजे थे। 

ऋतिक को बताया था एक्स ब्वॉयफ्रेंड 

ऋतिक और कंगना के बीच विवाद उस समय बढ़ गया था, जब कंगना ने ऋतिक को अपना एक्स ब्वॉयफ्रेंड तक बता दिया था। लेकिन ऋतिक ने कंगना के साथ किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया था। इस केस की जांच पहले मुंबई पुलिस की साइबर सेल ही कर रही थी, लेकिन दिसंबर 2020 में इसे मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के पास ट्रांसफर कर दिया गया था।

kangana ranaut hrithik roshan case  - Satya Hindi
वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को दिसंबर, 2020 में एक पत्र लिखा था कि इस केस में अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। उसी के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने यह केस साइबर सेल से क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट को ट्रांसफर कर दिया था।  
महाराष्ट्र से और खबरें

कंगना-ठाकरे सरकार विवाद

पिछले दिनों देखने में आया था कि सुशांत सिंह राजपूत केस को लेकर कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस पर जमकर हमला बोला था। बात यहां तक पहुंच गई थी कि कंगना रनौत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अमर्यादित भाषा में जवाब दिया था। कानून व्यवस्था को आधार बताकर कंगना ने महाराष्ट्र की तुलना पाकिस्तान से कर दी थी। 

कंगना पर दबाव बनाने की कोशिश

कंगना के इसी बयान के चलते उनके ऊपर देशद्रोह का मुकदमा भी दर्ज किया गया था।  इतना ही नहीं, कंगना के ऑफिस को बीएमसी द्वारा तोड़ने को भी इसी कड़ी में देखा गया था। पुलिस महकमे में दबी जुबान में यही चर्चा चल रही है कि कंगना और ऋतिक के इस केस को पुराने विवाद को देखकर ही क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है ताकि कंगना पर मानसिक दबाव बनाया जा सके। हालांकि इस केस में कंगना रनौत का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सोमदत्त शर्मा

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें