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मोहन डेलकर आत्महत्या: बीजेपी नेता की हो सकती है गिरफ्तारी

दादरा नगर हवेली के निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर आत्महत्या मामले में गुजरात के बड़े बीजेपी नेता और दादरा नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, मोहन डेलकर ने सुसाइड नोट में प्रफुल पटेल का नाम लिखा था जिसके बाद अब मुंबई पुलिस ने जाँच में तेज़ी दिखाते हुए प्रफुल पटेल से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। पटेल को मुंबई पुलिस बहुत जल्द समन जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है। मुंबई पुलिस के एक बड़े अधिकारी का कहना है कि अगर सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो जाती है तो इस केस में प्रफुल पटेल की गिरफ़्तारी भी हो सकती है।

इससे पहले कांग्रेस के नेताओं ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मोहन डेलकर आत्महत्या मामले में बीजेपी के बड़े नेता एवं दादरा नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल पर कार्रवाई करने की मांग की थी। देशमुख ने कांग्रेस के इन नेताओं को आश्वासन दिया कि मोहन डेलकर मामले की जाँच तेजी से कराई जाएगी और इस मामले से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। 

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अनिल देशमुख ने साथ ही इस ख़बर की भी पुष्टि कर दी कि मोहन डेलकर के सुसाइड नोट में प्रशासक प्रफुल पटेल का नाम लिखा हुआ है। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता सचिन सावंत ने गृह मंत्री अनिल देशमुख से बात करने के बाद कहा कि एनडीए की सरकार पिछले काफ़ी समय से महाराष्ट्र के कई सांसदों और विरोधी पक्ष के नेताओं पर दबाव डालकर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है। सरकार द्वारा सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स का डर भी नेताओं को लगातार दिखाया जा रहा है। सावंत ने यह भी कहा कि गृह मंत्री देशमुख ने डेलकर आत्महत्या मामले में कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
उधर दिवंगत सांसद मोहन डेलकर के बेटे अभिनव डेलकर ने दादरा नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। ‘सत्य हिंदी डॉट कॉम’ से बातचीत में अभिनव ने कहा कि पिछले काफ़ी समय से उनके पिता पर प्रफुल पटेल द्वारा प्रशासन और पुलिस महकमे के माध्यम से दबाव डाला जा रहा था एवं गिरफ्तारी का भी डर दिखाया जा रहा था। 
अभिनव ने बताया कि उनके पिता आदिवासी लोगों के हित में काम कर रहे थे जिसके चलते प्रशासन के अधिकारियों ने उनके कामों में अड़ंगा डालकर उन्हें परेशान करने की कोशिश की।
अभिनव ने साथ ही यह भी बताया कि कुछ महीने पहले उसके पिता ने उसे बताया था कि दादरा नगर हवेली का कलेक्टर संदीप कुमार सिंह, एसपी शरद दराडे और डीवाईएसपी उसे परेशान कर रहे थे।  
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मोहन डेलकर ने अपने सुसाइड नोट में इन सभी अधिकारियों का नाम भी लिखा है। कोरोना काल में भी डेलकर को अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम नहीं करने दिया गया था जिसके बाद से वो परेशान चल रहे थे। अभिनव ने साथ ही यह भी बताया कि कुछ महीने पहले उनके पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर प्रफुल पटेल की हरकतों के बारे में बताया था लेकिन उन्हें वहाँ से भी निराशा ही हाथ लगी थी। उसके बाद मोहन डेलकर ने लोकसभा से इस्तीफ़ा देने का मन बना लिया था। 

अब अभिनव डेलकर ने मुंबई पुलिस से माँग की है कि प्रफुल पटेल और प्रशासन के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और उसके पिता को मौत के बाद न्याय मिले। बहुत जल्द मुंबई पुलिस अभिनव डेलकर, मोहन डेलकर के ड्राइवर और बॉडीगार्ड का बयान दर्ज करेगी।

महाराष्ट्र की कांग्रेस- एनसीपी और शिवसेना की संयुक्त सरकार इस मामले में कोई भी कसर छोड़ने को तैयार नहीं है क्योंकि बीजेपी और महा आघाडी की सरकार में पिछले काफ़ी दिनों से तनातनी चल रही है। यही कारण है कि कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने इस मामले को जोर शोर से उठाने का फ़ैसला किया है।

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सोमदत्त शर्मा

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