loader
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे।

कानपुर: हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की मां ने कहा- उसे पकड़ो और उसका एनकाउंटर कर दो

कानपुर देहात के बिकरू गांव में जिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने की कोशिश के दौरान उत्तर प्रदेश के 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, उसकी मां ने बेटे की हरक़तों पर सख़्त नाराजगी जताई है। 

विकास की मां सरला देवी ने पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा है कि उनके बेटे को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। 

सरला देवी ने कहा, ‘उसे पुलिस के सामने सरेंडर कर देना चाहिए। अगर वह भागता रहेगा तो पुलिस उसे एनकाउंटर में मार सकती है। मैं कहती हूं कि अगर आप उसे पकड़ लेते हैं तो उसे मार दो। उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए।’ 

ताज़ा ख़बरें

उन्होंने एएनआई से आगे कहा, ‘निर्दोष पुलिसकर्मियों को मारकर उसने बहुत ग़लत काम किया है। मैंने टीवी पर एनकाउंटर की ख़बर देखी। मैं चाहती हूं कि उसे सामने आना चाहिए और अपने भले के लिए पुलिस के सामने सरेंडर कर देना चाहिए वरना पुलिस उसे किसी न किसी तरह ढूंढ लेगी। मैं कह रही हूं कि उसे पकड़ लो और उसका एनकाउंटर कर दो। उसे ज़रूर सजा मिलनी चाहिए।’ 

सरला देवी ने कहा कि राजनेताओं के संपर्क में आने के बाद विकास दुबे ने अपराध की दुनिया में क़दम रखा था। 

विकास दुबे बेहद शातिर बदमाश है। उसका नाम पहली बार चर्चा में तब आया था, जब उसने 2001 में उत्तर प्रदेश सरकार के तत्कालीन राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की पुलिस थाने के अंदर हत्या कर दी थी।

दुबे के बारे में कहा जाता है कि उसकी सभी राजनीतिक दलों में अच्छी पकड़ है और वह जिला पंचायत का सदस्य भी रह चुका है। कई पार्टियों के नेता पंचायत और स्थानीय निकाय के चुनावों में दुबे की मदद लेते रहे हैं। दुबे बहुजन समाज पार्टी में भी रह चुका है। 

दुबे का कानपुर के आसपास के इलाक़ों में ख़ौफ़ माना जाता है और कहा जाता है कि उसके पास बदमाशों की एक अच्छी-खासी टीम है। दुबे को कानपुर के रिटायर्ड प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडे की हत्या में उम्र क़ैद की सजा हो चुकी है। विकास दुबे पर 60 आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं। 

उत्तर प्रदेश से और ख़बरें

सरला देवी ने एएनआई से कहा, ‘वह विधायक का चुनाव जीतना चाहता था। उसने राजनाथ सिंह की सरकार में मंत्री संतोष शुक्ला को गोली मार दी थी।’ दुबे की मां ने यह भी कहा कि वह परिवार के लिए अपमान का कारण बन चुका है। 

सरला देवी ने कहा, ‘मैं पिछले 4 महीने से उससे नहीं मिली हूं। मैं यहां अपने छोटे बेटे के साथ लखनऊ में रह रही हूं। हम उसकी वजह से मुसीबत झेल रहे हैं।’ 

50 हज़ार का इनाम घोषित

इस बीच, आईजी, कानपुर मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे के बारे में सूचना देने वाले शख़्स के लिए 50 हज़ार का नक़द इनाम घोषित किया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इस घटना में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और सभी परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सांत्वना राशि देने की घोषणा की। 

शहीद होने वालों में डिप्टी एसपी और बिल्होर के सर्किल अफ़सर देवेंद्र मिश्रा, स्टेशन अफ़सर शिवराजपुर महेश यादव भी शामिल हैं। दो सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही भी शहीद हुए हैं। इसके अलावा सात पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें