loader

बीजेपी के सहयोगी संजय निषाद बोले- दशरथ के पुत्र नहीं थे राम

बीजेपी के सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा है कि भगवान राम दशरथ के पुत्र नहीं थे। एक ओर बीजेपी और संघ परिवार राम मंदिर निर्माण में जुटे हैं, राम के आदर्शों पर चलने की बात आए दिन करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके सहयोगी ने ही यह विवादित बयान दे दिया है। निषाद के बयान पर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत पर तंज कसा है। 

संजय निषाद सोमवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, “राम और निषाद राज का जन्म खीर खिलाने के बहाने से हुआ था। खीर खाने से तो बच्चा नहीं हो सकता। इसलिए, राम दशरथ के तथाकथित पुत्र हैं और असली पुत्र वे श्रृंगी ऋषि निषाद के हैं।”

बीजेपी ने तमाम हां और ना के बीच सितंबर में एलान किया था कि वह उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी। अपना दल (एस) के साथ उसका पहले से ही गठबंधन है। 

ताज़ा ख़बरें

‘गठबंधन पर विचार करेंगे’

संजय निषाद ने यह भी कहा कि बीजेपी ने उनसे वादा किया था कि वह आरक्षण को लेकर फ़ैसला लेगी लेकिन उसने फ़ैसला नहीं किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण नहीं मिलता है तो हम गठबंधन पर विचार करेंगे। 

‘डीएनए एक्सपर्ट हैं भागवत’

निषाद के बयान पर हैदराबाद के सांसद असदउद्दीन ओवैसी ने एएनआई से कहा, “संघ प्रमुख मोहन भागवत और बीजेपी के नेताओं को इस बारे में बताना पड़ेगा क्योंकि भागवत डीएनए के एक्सपर्ट हैं।” भागवत कई बार हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक होने की बात कह चुके हैं। 

लेकिन बीजेपी संजय निषाद के इस बयान पर कुछ नहीं बोल पा रही है। उसे बताना चाहिए कि वह संजय निषाद के इस बयान से इत्तेफ़ाक रखती है या नहीं? और क्या वह संजय निषाद से इस बयान के लिए माफ़ी मांगने को कहेगी और क्या अब भी उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी?

उत्तर प्रदेश से और ख़बरें

पूर्वांचल में है असर  

निषाद समाज (मल्लाह) के ज़्यादातर लोग मछली पकड़ने के काम से जुड़े हैं। गोरखपुर में इस समाज की तादाद 15 फ़ीसदी से ज़्यादा है। इसके अलावा महाराजगंज, जौनपुर और पूर्वांचल के कुछ और इलाक़ों में भी निषाद वोटरों का अच्छा प्रभाव माना जाता है। पूर्वांचल में इस समुदाय की आबादी 18 फ़ीसदी तक मानी जाती है। निषादों के साथ इनकी उप जातियां मल्लाह, केवट, धीवर, बिंद, कश्यप आदि भी जुड़ी हैं और ग़ैर यादव ओबीसी वोटों में इनका बड़ा रोल है। 

कुछ महीने पहले जब पुलिस ने मल्लाहों की नाव तोड़ दी थी तो कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा तुरंत प्रयागराज पहुंच गई थीं। एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मल्लाहों के समर्थन में आवाज़ उठाई थी। बीजेपी को बैकफ़ुट पर आते हुए तुरंत इस मामले में जांच के आदेश देने पड़े थे। 

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें